इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर डिजाइनिंग के कार्यक्रम में अभिनेत्री ईशा देओल।
लखनऊ। इंटीरियर डिजाइन के क्षेत्र में सस्टेनबिलिटी को ध्यान में रखते हुए लंबे वक्त तक चलने वाले, टिकाऊ उत्पादों का निर्माण और उनका इस्तेमाल बहुत जरूरी है। हमें ऊर्जा बचत और कम लागत पर काम करते हुए आने वाली पीढ़ी को मजबूत करना है। यह बातें अभिनेत्री ईशा देओल ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर डिजाइनिंग (आईआईआईडी) के एक कार्यक्रम में बतौर अतिथि कहीं। आईआईआईडी लखनऊ चैप्टर अध्यक्ष अविरल अग्रवाल ने सभी का स्वागत किया।
गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार शाम मैटेरियल ट्रुथ- मूविंग बियॉन्ड सरफेस सस्टेनबिलिटी इन इंटीरियर डिजाइन विषय पर हुई परिचर्चा में ईशा देओल ने कहा कि बेशक वह इस पेशे में नहीं हैं लेकिन इंटीरियर डिजाइनिंग उनके दिल के बेहद करीब है। सीएम योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने आयोजकों को कम समय में इंटरनेशनल पार्टनर्स के साथ एक्सपो को तैयार करने के लिए बधाई दी। हमने काशी मंदिर, संसद बनाई जो कि सस्टेनेबल मॉडल का उदाहरण है। संचालन मशहूर इंटीरियर डिजाइनर अरुंधती साथे ने किया। सुभ्रा मित्तल, एमएलसी इंजी. अवनीश कुमार सिंह ने विचार रखे। इससे पहले सुबह इंपॉर्टेंस ऑफ ग्लैजिंग्स इन आर्किटेक्चर विषय पर हुई परिचर्चा में विधायक नीरज बोरा ने सस्टेनबिलिटी पर जोर दिया। संचालन प्रसेनजीत सांन्याल ने किया। आर्किटेक्ट सोहेल मंसूर, वेणु श्री, पंकज मिश्रा और कपिल सचदेवा ने भी अपने विचार रखे।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर डिजाइनिंग के कार्यक्रम में अभिनेत्री ईशा देओल।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर डिजाइनिंग के कार्यक्रम में अभिनेत्री ईशा देओल।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर डिजाइनिंग के कार्यक्रम में अभिनेत्री ईशा देओल।