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स्मार्ट मीटर की जांच रिपोर्ट के बिना ईईएसएल को न हो भुगतान, ऊर्जा मंत्री ने दिए निर्देश

Thu, 17 Sep 2020 10:11 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को स्मार्ट मीटर की जांच रिपोर्ट आए बगैर एनर्जी एफिसिएंशी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) समेत किसी भी कंपनी को भुगतान न करने को कहा है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ज्ञापन पर ऊर्जा मंत्री ने ये निर्देश पावर कॉर्पोरेशन को दिए हैं। 

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उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने गुरुवार को ऊर्जा मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बत्ती गुल होने और भार जंपिंग की रिपोर्ट आने से पहले ईईएसएल को भुगतान पर रोक लगाने की मांग की गई है। वर्मा ने कहा कि बिजली कंपनियां दावा कर रही थीं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली चोरी रुक जाएगी। मगर जिस तरह से इन मीटरों से बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं, उससे स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। 

ऊर्जा मंत्री पावर कॉर्पोरेशन के एमडी को ईईएसएल समेत किसी भी कंपनी को भुगतान न करने का निर्देश देते हुए कहा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में उपभोक्ताओं के यहां केवल उच्च तकनीक के स्मार्ट मीटर ही लगेंगे। इससे पहले उपभोक्ता स्वीकार्यता परीक्षण भी कराया जाएगा।
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प्रदेश में रिकॉर्ड 23,867 मेगावाट बिजली की आपूर्ति

प्रदेश में बुधवार को अब तक की रिकॉर्ड 23,867 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई। आपूर्ति का रिकॉर्ड स्थापित होने पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने विभाग के सभी अभियंताओं और कर्मचारियों का अभिनंदन किया।

ऊर्जा मंत्री ने गुरुवार को बताया कि बुधवार को प्रदेश की अब तक की अधिकतम मांग 23,867 मेगावाट सफलता पूर्वक पूरी की गई। इसके पहले 17 जुलाई को 23,419 मेगावाट, 12 सितंबर को 23,661 मेगावाट की अधिकतम आपूर्ति की गई। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2016-17 तक 16,110 मेगावाट की अधिकतम आपूर्ति ही की गई थी। भाजपा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 54 फीसदी बिजली ज्यादा दी है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की दिशा में आत्मनिर्भर यूपी में सबको बिजली-पर्याप्त बिजली-निर्बाध बिजली सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से ट्रांसमिशन और वितरण क्षमता को बढ़ाया जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री ने दावा किया कि योगी सरकार में सिर्फ आपूर्ति ही नहीं बढ़ी बल्कि सस्ती बिजली भी सुनिश्चित की गई। पूर्व की सरकारों में 5.14 रुपये से 11.09 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीद के विद्युत क्रय अनुबंध (पीपीए) किए गए थे। योगी सरकार ने 2.98 रुपये से 4.19 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी। किसानों को 1.24 रुपये प्रति यूनिट पर सिंचाई के लिए बिजली दी जा रही है। 

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 2045 फीडरों से कृषि फीडर अलग करने का काम अंतिम चरण में है। सिंचाई के लिए किसानों को रात भर जागना नहीं पड़ता है। दिन में 10 घंटे बिजली दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे, तहसील में 21 घंटे 30 मिनट, जिले में 24 घंटे, बुंदेलखंड में 20 घंटे और उद्योगों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि  तीन साल में 1 करोड़ 24 लाख से अधिक घरों का अंधेरा दूर हुआ है और 1 लाख 30 हजार मजरों तक रोशनी पहुंची है। तीन साल में ट्रांसमिशन क्षमता 16,500 से बढ़कर 24,500 मेगावाट हो गई है। आयात क्षमता भी 8700 मेगावाट से बढ़कर 13,500 मेगावाट हो गई है। गांवों को भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य है। इसके लिए सभी फीडरों की लाइन हानियां 15 फीसदी से नीचे लाने का अभियान चलाया जा रहा है।
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