फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: नकद लेने की जिद पर अड़े कर्मचारी, केजीएमयू के नियमों को ही दिखा रहे ठेंगा दिखा

विज्ञापन
केजीएमयू के नियमों को कर्मचारी ठेंगा दिखा रहे।
विज्ञापन
लखनऊ। राजधानी के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग में कर्मचारियों की मनमानी के आगे दिल के मरीज बेबस नजर आ रहे हैं। डिजिटल पेमेंट का नियम होने के बावजूद यहां अधिकतर काउंटरों पर केवल नकद भुगतान ही लिया जा रहा है। बैंक या तकनीकी समस्या का हवाला देकर ऑनलाइन भुगतान से इन्कार किया जा रहा है।
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सामने आया कि कार्डियोलॉजी विभाग में डिजिटल पेमेंट लगभग ठप है। कानपुर से इलाज कराने पहुंचे रमेश सिंह ने बताया कि फोन में रुपये होने के कारण वह ज्यादा नकदी लेकर नहीं आए थे। ऐसे में आधा घंटा कैश की व्यवस्था करने में बर्बाद हो गया, जिससे इलाज में भी देरी हुई। विभाग में सिर्फ एचआरएफ पर ही ऑनलाइन पेमेंट चालू मिला।

इमरजेंसी में भी कैश का खेल, सिस्टम लाचार

हैरानी की बात यह है कि कार्डियोलॉजी जैसे संवेदनशील विभाग के इमरजेंसी परचा काउंटर पर भी नकद भुगतान ही लिया जा रहा है। जहां हर मिनट की कीमत होती है, वहां इमरजेंसी एडमिशन के लिए भी ऑनलाइन भुगतान स्वीकार नहीं किया जा रहा। कर्मचारी डिजिटल पेमेंट लेने से साफ मना कर रहे हैं।
विज्ञापन


इलाज में देरी हुई तो जिम्मेदार कौन

तीमारदारों का कहना है कि कैश की कमी की वजह से अगर किसी इमरजेंसी मरीज के इलाज में देरी होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका आरोप है कि यह तकनीकी खराबी से ज्यादा कर्मचारियों की मनमानी का मामला है।

मरीज देखें या कैश के लिए भटकें
खदरा से आए तीमारदार बंटी ने बताया कि परिवार का एक सदस्य भर्ती है। डिजिटल पेमेंट की सुविधा न होने के कारण एक व्यक्ति को अलग से जनसेवा केंद्र भेजकर नकदी मंगानी पड़ रही है। ऐसे में मरीज की देखभाल प्रभावित हो रही है।

कैश के लिए लोगों से मांगनी पड़ी मदद

गोंडा से आए तीमारदार अतुल ने बताया कि नकदी न होने से छह-सात लोगों से मदद मांगकर किसी तरह जांच का बिल जमा कर सके। उनका कहना है कि कई महीनों से यह समस्या बनी हुई है।

कभी चालू नहीं मिली ऑनलाइन सुविधा

टेढ़ी पुलिया के प्रियांशु ने बताया कि वह नवंबर से मां का इलाज कराने आ रहे हैं, लेकिन अब तक ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू नहीं मिली। हर बार केवल कैश जमा करने को कहा जाता है।

रोज आते हैं सैकड़ों मरीज

कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में रोजाना 500 से अधिक मरीज आते हैं, जबकि इमरजेंसी में 60 से 70 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से करीब 90 फीसदी को जांच करानी पड़ती है, लेकिन लचर व्यवस्था के कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन


Iतकनीकी समस्या की वजह से ऑनलाइन पेमेंट सुविधा बंद है। कर्मचारियों से जानकारी ली गई है और जल्द ही सुविधा शुरू कराई जाएगी।I

Iडॉ. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयूI

केजीएमयू के नियमों को कर्मचारी ठेंगा दिखा रहे।

केजीएमयू के नियमों को कर्मचारी ठेंगा दिखा रहे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें