लखनऊ। पढ़ाई और करियर का दबाव युवाओं में तनाव व चिंता बढ़ा रहा है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन को प्राथमिकता देना जरूरी है। मंगलवार को बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में आयोजित पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने यह बात कही।
मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मद्देनजर आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने आत्मचिंतन और भावनात्मक संतुलन को स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक बताया। केजीएमयू के डॉ. विवेक अग्रवाल ने कहा कि बचपन के प्रतिकूल अनुभव मानसिक विकास पर लंबे समय तक असर डाल सकते हैं। उन्होंने मानसिक समस्याओं पर खुलकर बात करने और जरूरतमंदों की मदद करने पर जोर दिया। इस दौरान पोस्टर और नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिताएं हुईं। पोस्टर प्रतियोगिता में रोशिता प्रथम, ओम सिंह द्वितीय और अखिल राज तृतीय स्थान पर रहे। विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी पूछे।