हिंद मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर पति ने कहासुनी के बाद महिला चिकित्सक की तीसरी मंजिल से फेंककर हत्या कर दी। श्रावस्ती जिले के जिला अस्पताल में ईएमओ के पद पर तैनात महिला डॉक्टर अपने पति डॉक्टर विवेक पाठक के पास अवकाश लेकर दो दिन पहले ही आई थी।
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मामले में शहर कोतवाल बीपी यादव ने बताया कि डॉ. स्वाती के भाई विकास की तहरीर पर आरोपी पति डॉ. विवेक पाठक के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया है।
डॉक्टर दंपती के बीच मंगलवार सुबह विवाद हुआ था उसके बाद वह लखनऊ चली गई थी। शाम को लौटने के बाद हिंद अस्पताल के कमरे में नशे की हालत में दोनों के बीच कहासुनी हुई थी।
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घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लिया है। मृतका के माता-पिता व भाई ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
इस तरह शुरू हुआ था झगड़ा
आरोपी पति
- फोटो : amar ujala
हिंद मेडिकल कॉलेज में ईएमओ के पद पर तैनात डॉ. विवेक पाठक पुत्र आरएन पाठक निवासी गोरखरपुर की पत्नी व श्रावस्ती जिला अस्पताल में ईएमओ के पद पर तैनात डॉक्टर स्वाति पाठक (28) बीस दिन के अवकाश पर रविवार को ही आई थी।
मंगलवार सुबह उसे तबादले के सिलसिले में निदेशालय जाना था पर पति के तैयार न होने पर वह नाराज होकर अकेले चली गई। शाम को लौटने पर दोनों के बीच तीखी झड़प हुई।
मृतका की मां पुष्पा पांडेय ने बताया कि करीब दस बजे रात को बेटी ने फोन पर झगड़े की बात बताकर वापस आने को कहा था, लेकिन दोनों को फोन पर ही समझाकर शांत करा दिया गया। इसके बाद यह घटना देर रात हुई है।
भाई ने कहा, खुद था नशेड़ी और बहन को कर था परेशान
मृतक डॉ. स्वाति पाठक के भाई विकास पांडेय ने उसकी हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी विवेक बहन को बहुत परेशान करता था और उसी ने खिड़की से नीचे फेंककर उसकी हत्या की है।
भाई ने कहा कि मेरी बहन आत्महत्या नहीं कर सकती है। विवेक शराब व अन्य नशे का आदी था और इसी के चलते नशे की हालत में बहन स्वाति से विवाद करने के बाद उसने उसे बिल्डिंग की खिड़की से नीचे फेंककर मार डाला।
बताया कि रात में करीब 4 बजे उन्हें विवेक के भाई रवि ने फोन पर कहा कि स्वाति बीमार हो गई है और हिंद अस्पताल में भर्ती है।
पत्नी को भी बना दिया था ड्रग्स का लती
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धरती के भगवान कहे जाने वाले को शराब और ड्रग्स की लत ने बरबाद कर दिया। एमबीबीएस पढ़ाई के दौरान डॉक्टर दंपति विवेक पाठक व स्वाती के बीच हुई दोस्ती ने सात जन्मों तक रहने की जो कसमें खाईं थी, वह विवाह के 19 माह में ही बिखर गया।
आज जिस तरह महिला डॉक्टर की मौत मिली और इसके लिए आरोपी जेल मिली है। उसका सबसे बड़ा कारण दोनों के नशे का लती होना बताया जा रहा है।
बरेली में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान डॉ विवेक पाठक व डॉ स्वाती के बीच दोस्ती के बाद दोनों में प्यार हुआ था। पढ़ाई पूरी होने के बाद डॉ स्वाती को भिनगा श्रावस्ती जिला अस्पताल में सरकारी चिकित्सक की नौकरी मिली और विवेक को बाराबंकी स्थित हिंद अस्पताल में नौकरी कर ली। इसकी जानकारी पर दोनों परिवारों ने 2015 में दोनों का विवाह कर दिया।
नशे के लिए पत्नी से पैसे लेता था...
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महिला चिकित्सक की मौत से उसकी मां पुष्पा पांडेय रो-रो के बताया कि बेटी की खुशी के लिए विवाह में खूब खर्च किया था। विवेक में नशे की लत होने के चलते उसे परेशान करता था।
विवेक अपने खर्च के लिए भी स्वाती से पैसा लेता था, फिर दूरियां इतनी बढ़ती चली गई कि स्वाती को अपनी जान गवांकर इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है।
पुलिस व भाई विकास पांडेय का भी कहना है कि दोनों नशे के लती थी। आरोपी पति का ममेरा भाई सुमित ने बताया कि नशे में दोनों के बीच खूब कहासुनी हुई। अस्पताल कर्मियों ने भी डॉक्टर नशे का आदी बताया।
पिता दिनेश चंद्र पांडेय का रो-रो कर काफी खराब हाल है। अपनी डॉक्टर बेटी की मौत का गम यह लोग भुला नहीं पा रहे है और आरोपी पर सख्त कार्रवाई करने की मांग पुलिस से कर रहे है।
मृतक डॉ स्वाती पाठक बहराइच जिले की कांग्रेस नेत्री पुष्पा पांडेय की बेटी है। इनके पिता दिनेशचंद्र पांडेय एक बैंक में मैनेजर है। मृतका के भाई विकास पांडेय का कहना है कि दो भाइयों में एक भाई नीरज की दो साल पहले मौत हो चुकी है जबकि स्वाती उनकी इकलौती बहन थी।
कहा एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद स्वाती को सरकारी नौकरी मिली थी, लेकिन वह अपने पति के पास रहने के लिए इन दिनों अपना तबादला लखनऊ के आस पास करवाना चाहती थी। भाई ने कहा कि बहन के विवाह में हैसियत से बढ़कर खर्च किया गया था लेकिन उसके बावजूद उसकी जान ले ली गई।
हिंद अस्पताल में जिस बिल्डिंग से नीचे गिरकर एक महिला डॉक्टर की मौत हुई है इससे पहले भी वहां दो अकाल मौतें हो चुकी है। हिंद मेडिकल कालेज में बने यमुना ब्लॉक थर्ड फ्लोर की खिड़की से नीचे गिरने से स्वाती की मौत हुई है।
इसी बिल्डिंग में, वर्ष 2015 में एक नर्सिंग छात्रा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी। वहीं 2016 मई में एक स्टाफ नर्स ने बिल्डिंग से कूद जान गवां चुकी है। अस्पताल प्रशासन भले ही बी ब्लॉक का नाम बदल दिया हो, लेकिन यहां घटनाओं का सिलसिला बरकरार है।