आए दिन जाम में फंसकर अमौसी एयरपोर्ट तक पहुंचने की परेशानी झेलने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। शहीद पथ पर बिजनौर अंडरपास से एयरपोर्ट तक चार लेन की एलीवेटेड रोड जल्द तैयार हो जाएगी।
इसके जल्द तैयार होने की उम्मीद का कारण यह है कि आला अधिकारियों की बैठक में जमीन अधिग्रहण की अड़चन दूर कर ली गई है और तैयार डिजाइन को शासन की संस्तुति के लिए भेज दिया गया है।
तैयार डिजाइन के मुताबिक, मंदिर-तालाब व खेतों के ऊपर से होते हुए यह चार लेन की सड़क सीधे एयरपोर्ट पर पार्किंग स्थल तक पहुंचाएगी।
एयरपोर्ट तक जाने वाले यात्री अक्सर जाम में फंसकर परेशान होते थे। कई बार तो लंबे जाम के कारण फ्लाइट तक छूट जाती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि एलीवेटेड रोड बनने के बाद हवाई यात्रियों के वाहन सीधे पार्किंग तक पहुंचेंगे।
रमाबाई रैली स्थल के पास से शुरू होगा निर्माण
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आंकड़े बताते हैं कि सालान 40 लाख के करीब लोग एयरपोर्ट अाते हैं। मुख्य सचिव के निर्देश के बाद संबंधित विभागों के आला अधिकारियों की बैठक में तय हुआ कि प्रस्तावित रोड शहीद पथ पर रमाबाई रैली स्थल के करीब बिजनौर अंडरपास के आसपास खाली पड़े दो भूखंडों की जमीन का अधिग्रहण होगा।
यह प्लॉट एलडीए के हैं। इसी रास्ते में पड़ने वाले तीन गांव क्षेत्रों की जमीन केऊपर से होती हुई सीधे एयरपोर्ट बाउंड्री के समीप जाकर खत्म होगी।
प्रस्तावित डिजाइन को इस तरह तैयार किया गया है कि इसके रूट में पड़ने वाले तीन मंदिर व एक तालाब क्षेत्र सहित कुछ किसानों की खेत जमीन न मिल पाने से आ रही बाधा दूर होगी।
शहीद पथ से ग्राउंड फ्लोर पर एयरपोर्ट तक एप्रोच रोड बनाने के लिए तीन गांव क्षेत्रों की चिह्नित जमीन देने के लिए काश्तकार तैयार नहीं हो रहे थे।
कम हो जाएगा अधिग्रहण का खर्च
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प्रस्तावित रूट पर बने तीन मंदिर व एक तालाब क्षेत्र भी इसमें बड़ी अड़चन बने हुए थे। साथ ही अधिक मुआवजा राशि का भुगतान कराना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती था।
बैठक में जिला प्रशासन की तरफ से शामिल एडीएम प्रशासन श्रीप्रकाश गुप्ता ने बताया कि अमौसी एयरपोर्ट अथॉरिटी के निदेशक एके शर्मा ने अप्रोच रोड के बाद विमानपत्तन प्रशासन की तरफ से वाहनों के एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश कर पार्किंग स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने पर भी सहमति जता दी है।
एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 69 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। इसकी अधिग्रहण लागत पर अब कम खर्च आएगा। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि वांछित 69 एकड़ जमीन के मास्टर प्लान व ले-आउट प्लान को राजस्व नक्शे पर सुपर इंपोज करने से इसकी संशोधित लागत अब 500 करोड़ की जगह 390 करोड़ हो जाएगी।
विस्तारीकरण में आने वाले अनुमानित खर्च का 50 फीसदी व्यय एएआई और 50 फीसदी राज्य सरकार के स्तर पर होगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई)अपने हिस्से की खर्च धनराशि देने में परेशानी आने पर लखनऊ एयरपोर्ट की कानपुर हाइवे के समीप स्थित 69 एकड़ जमीन को भी शासन के पक्ष में हस्तांतरित कर भूमि का वैल्यू एक्सचेंज कर सकता है। वैल्यू एक्सचेंज में प्राप्त एयरपोर्ट की इस जमीन का उपयोग एलडीए की विस्तारित योजनाओं में किए जाने की संभावना है।