बहराइच के कतर्नियाघाट में गेरुआ नदी के पार विचरण करता हाथी।
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बहराइच। कतर्नियाघाट रेंज के विशुनापुर गांव के निकट सोमवार रात पहुंचे हाथियों के झुंड ने किसानों की 25 बीघा गन्ने की फसल रौंद डाली। तीन घंटे तक हाथी चिंघाड़ते रहे। इसके चलते गांव के लोग सो नहीं सके। पूरी रात ग्रामीण ढोल बजाते हुए हांका लगाकर हाथियों को भगाने की कोशिश में जुटे रहे। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने मुआयना कर रिपोर्ट रेंज कार्यालय को सौंप दी है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज में हाथियों का उत्पात थम नहीं रहा है। सोमवार रात में 10 बजे के आसपास लगभग 24 हाथियों का झुंड विशुनापुर गांव के निकट गन्ने के खेतों में आ धमका। उस समय गांव के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर सभी बाहर निकल आए। ग्रामीणों ने हांका लगाते हुए ढोल और पीपा पीटना शुरू किया। लेकिन हाथी खेतों में गन्ने की फसल को रौंदते रहे।
लगभग तीन घंटे तक हाथियों का उत्पात जारी रहा। इसके बाद हाथी घने जंगल में गेरुआ नदी के उस पार चले गए। रात में मौके पर वन दरोगा अशफाक खान, वन रक्षक पवन शुक्ला ने पहुंचकर मुआयना किया है। वन दरोगा ने बताया कि लगभग 24 हाथियों का झुंड है। गांव निवासी अमरेश सिंह आदि किसानों की फसलों का नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। मुआवजा दिलाया जाएगा।
कतर्नियाघाट रेंज में गेरुआ नदी में भरथापुर गांव के सामने स्थित टापू पर सुबह हाथियों का झुंड दिखा। समूह में हाथी काफी दूरी पर थे। लेकिन एक हाथी स्नान करते हुए टापू पर आ गया। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि बीते पांच दिनों से आया हाथियों का झुंड जंगल व आसपास के इलाकों में विचरण कर रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को सजग रहने की जरूरत है। टीम निरंतर गश्त कर रही है।