इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी का लाभ वाहन खरीदारों को नहीं मिल रहा है। जबकि पॉलिसी लागू करने का शासनादेश पिछले साल 14 अक्तूबर को जारी कर दिया था। मगर इसकी अधिसूचना अभी तक जारी नहीं गई है। हालांकि अब अधिसूचना लागू करने की बात कही जा रही है।
दरअसल, अधिसूचना जारी होने के बाद ही इस पॉलिसी का लाभ लोगों को मिल सकेगा। इस पॉलिसी के तहत जिन लोगों ने इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदा है उन्हें प्रस्तावित रोड टैक्स, पंजीकरण में छूट का लाभ दिया जाएगा। पात्र ईवी खरीदारों को इसके लिए कहीं आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि पंजीकरण के आधार पर रोड टैक्स व सब्सिडी उनके बैंक अकाउंट में स्वत: रिफंड हो जाएगी।
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तकनीकी समस्याओं के कारण नहीं लागू हो सकी पॉलिसी
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के अनुसार कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण पॉलिसी लागू नहीं हो सकी है। दरअसल पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही है और एनआईसी द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर के माध्यम से इसे लागू किया जाना है। पहले ईवी पर 75 प्रतिशत छूट दी जा रही थी लेकिन पॉलिसी के तहत इस पर 100 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। इसे एनआईसी अपडेट कर रहा है। अपर मुख्य सचिव आईटी अरविंद कुमार का कहना है कि इसकी प्रक्रिया निर्धारित की जा रही है। परिवहन विभाग पोर्टल बना रहा है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।
वाहनों के फैक्टरी मूल्य पर दी जानी है छूट
पॉलिसी के तहत प्रदेश में खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों के फैक्टरी मूल्य पर 15 फीसदी की सब्सिडी भी दी जाएगी। इसमें पहले दो लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर 5,000 रुपये प्रति वाहन, पहले 50,000 इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों पर अधिकतम 12,000 रुपये और पहले 25,000 इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों पर प्रति वाहन पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, प्रदेश में खरीदी गई पहली 400 ई-बसों पर प्रति ई-बस 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त सरकारी कर्मचारियों को भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए सरकार प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए राज्य सरकार कर्मचारियों को एडवांस लेने की भी अनुमति देगी।