लखनऊ। प्रीपेड मीटर का बैलेंस ऋणात्मक होने के कारण शनिवार को छह हजार उपभोक्ताओं की बिजली कट गई। इनमें ऐसे उपभोक्ता भी शामिल रहे, जिन पर मात्र 481 रुपये की बकायेदारी थी। बिजली कटने से नाराज उपभोक्ताओं ने केंद्रों पर हंगामा भी किया।
राजधानी में वर्टिकल सिस्टम लागू होने के बाद पहली बार प्रीपेड मीटर धारकों पर कार्रवाई हुई। ऑटोमेटिक सिस्टम से बिजली कटने का सिलसिला सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक चला। इससे घरों के साथ दुकानों की आपूर्ति भी बिल जमा करने तक प्रभावित रही।
आईटी विंग के अफसर ने बताया कि सबसे ज्यादा लखनऊ मध्य के दो हजार उपभोक्ताओं की बिजली कटी। अमौसी में 1700, गोमतीनगर में 1150 और जानकीपुरम में 1050 बकायेदारों की बिजली कार्यालय से कमांड देकर बंद कर दी गई। घरों और दुकानों की बिजली कटते ही बकायेदार बिलिंग केद्रों पर बिल जमा करने उमड़ पड़े। हुसैनगंज सहित कई केंद्रों पर लोगों ने हंगामा भी किया। नगर निगम के केंद्र पर पहुंचे बुजुर्ग ने बताया कि 28 फरवरी को पूरा बिल जमा किया था। महज 481 रुपये का माइनस बैलेंस होने पर सुबह ही बिजली काट दी गई। जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं को लगातार एक महीने से बिल जमा करने की चेतावनी दी जा रही थी।
बिल जमा करने के बाद भी नहीं जुड़ी बिजली
कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि बिल जमा करने के घंटों बाद भी उनकी बिजली नहीं चालू हुई। 14 हजार के बकाये पर 15 हजार रुपये जमा करने के चार घंटे बाद भी बालू अड्डा निवासी राकेश की बिजली चालू नहीं हो सकी थी। उन्होंने डालीबाग स्थित राजभवन खंडीय कार्यालय पहुंचकर इसका विरोध भी जताया। ग्वारी के राम किशोर यादव ने बताया कि 2578 रुपये का बिल बकाया था। सुबह 10 बजे 2600 रुपये जमा कराने के बावजूद रात आठ बजे तक बिजली नहीं जुड़ी।