राजधानी में शुक्रवार सुबह आई तेज आंधी-पानी से कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति ठप्प हो गई
कहीं पर बिजली का पोल गिरा तो कहीं तार टूट गया। इससे क्षेत्रों में घंटों बिजली की आपूर्ति बाधित रही। इंदिरानगर में पोल गिरने से नौ घंटे बिजली गुल रही। बिजली न आने से लोग उपकेंद्र पर पहुंच गए
भीड़ को उग्र होता देख अफसरों ने आनन-फानन में बिजली कर्मियों को भेजकर पोल ठीक कराया। जिसके बाद लोग शांत हुए।
उधर, मड़ियांव, खदरा, गोमतीनगर, डालीगंज समेत अन्य इलाकों में बिजली घंटों गुल रही इंदिरानगर के सी ब्लॉक में जर्जर बिजली का खंभा सुबह करीब 4:30 बजे भरभराकर गिर गया। हालांकि इससे कोई भी हताहत नहीं हुआ।
आनन-फानन में लोगों ने बिजली उपकेंद्र को सूचना दी। मगर काफी देर तक बिजलीकर्मी नहीं पहुंचे।
इससे नाराज लोग उपकेंद्र पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। उपकेंद्र अधिकारियों ने फौरन बिजली कर्मियों को भेजा। बिजली कर्मियों ने नौ घंटे की मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति शुरू की।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोग गर्मी से बेहाल हो गए। स्थानीय निवासी इमरान सिद्दीकी ने बताया कि बिजली का पोल काफी जर्जर हो चुका था।
कई बार की शिकायतों के बाद भी उपकेंद्र अफसरों ने सुध नहीं ली। उधर, इंदिरानगर सेक्ट-25 में सुबह 4 बजे बिजली का तार टूट जाने से बत्ती गुल हो गई।
सूचना पर पहुंचे बिजली कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह आठ बजे बिजली आपूर्ति शुरू कराई। वहीं इंदिरानगर के सर्वोदय नगर समेत कई इलाकों में दो घंटे बिजली की आपूर्ति ठप्प रही।
बिजली न आने से लोग पसीने से तरबतर हो गए। काफी देर बाद इलाके में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी थी। वहीं लोगों का कहना है कि इलाके में बिजली की आवाजाही रही।
उधर, मड़ियांव के भरतनगर, नौबस्ता केशवनगर समेत अन्य इलाकों में कई घंटे तक बिजली की आवाजाही लगी रही।
भरतनगर के लोगों का कहना है कि कई बार उपकेंद्र अधिकारियों से शिकायत की गई मगर कोई सुनवाई न हुई।
वहीं शुक्रवार को क्षेत्र में चार घंटे तक बिजली संकट बना रहा। कुछ ऐसी ही स्थिति डालीगंज, गोमतीनगर के विनयखंड समेत अन्य इलाकों की भी रही।