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बिजली विभाग की तानाशाही : सिक्योरिटी लेनी है किस्त में, वसूल रहे एकमुश्त

Wed, 02 Oct 2019 03:59 PM IST
Amulya Rastogi नरेश शर्मा, अमर उजाला लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : YouTube
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नियम दरकिनार कर बिजली विभाग के कर्मचारियों की ओर से की जा रही तानाशाही के ये उदाहरण बानगी भर हैं। अतिरिक्त सिक्योरिटी की राशि तीन किस्त में जमा करने के प्रावधान के बावजूद उपभोक्ताओं को एक साथ पैसा जमा कराने के लिए मजबूर किया जा रहा है। 
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इलेक्ट्रिक सप्लाई कोड-2005 में उपभोक्ता से अतिरिक्त सिक्योरिटी वसूलने का प्रावधान किया गया था, जिस पर लगभग 15 साल बाद अमल हुआ। बिजली विभाग का खाली खजाना भरने के लिए अब राजधानी के एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं से अतिरिक्त सिक्योरिटी जमा कराने को धड़ाधड़ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। 

ये पांच किलोवाट और इससे अधिक विद्युत लोड के कनेक्शन धारकों के पास पहुंच रहे हैं। नोटिस में चेतावनी दी जा रही है कि अतिरिक्त सिक्योरिटी की रकम तय तारीख तक जमा न करने पर बिजली काट दी जाएगी। जिन उपभोक्ताओं ने रकम जमा नहीं की, उनके घर या  कारोबार स्थल पर कर्मचारी भेजकर बिजली काटने का दबाव बनाया जा रहा है।  
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किस्त की सुविधा से बेखबर अभियंता 

चौक के सराफ प्रफुल्ल पटेल को अधिशासी अभियंता ने 13,801 रुपये की अतिरिक्त सिक्योरिटी रकम जमा करने का नोटिस जारी किया। कुल 23,801 रुपये की अतिरिक्त सिक्योरिटी में से 10 हजार रुपये पहले से जमा हैं। कारोबारी ने खंडीय अभियंता से राशि की तीन किस्त करने का अनुरोध किया। उसने इसकी जानकारी से इनकार कर दिया, जबकि तीन किस्त लेने का प्रावधान है। 

दो किस्त में रकम जमा करने से इनकार
शिवाजी मार्ग के कारोबारी राजीव अग्रवाल को हुसैनगंज खंड ने 16 सितंबर तक बिजली खपत की अतिरिक्त सिक्योरिटी के 9,286 रुपये जमा करने का नोटिस दिया था। कुल रकम 10,786 रुपये में पहले से 1500 रुपये की सिक्योरिटी जमा थी। कारोबारी ने बची रकम दो किस्त में जमा कराने की मांग रखी, लेकिन इंजीनियरों ने इससे मना कर दिया। 

तीन किस्त में वसूली का है प्रावधान
इलेक्ट्रिक सप्लाई कोड-2005 के सेक्शन 4.20 में उपभोक्ता से 45 दिन की अतिरिक्त सिक्योरिटी वसूलने का प्रावधान किया गया है। इसी सेक्शन के पैरा एफ में यह भी प्रावधान है कि उपभोक्ता का पक्ष सुनकर अतिरिक्त सिक्योरिटी को तीन किस्त में वसूल सकते हैं।  
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क्या है अतिरिक्त सिक्योरिटी

एक वित्तीय वर्ष में बिजली खपत का जितना बिल बनता है, उसमें से एक दिन के बिल की गणना कर उसे 45 गुना करके राजस्व का निर्धारण करते हैं। इसे अतिरिक्त सिक्योरिटी रकम का नाम दिया गया है, जिसे एडवांस के रूप में जमा कराया जा रहा है।

 इन्हें भेजा गया नोटिस
           खंड             उपभोक्ता     
  • गोमतीनगर     12,500
  • राजभवन         5000
  • रेजीडेंसी          3000
  • चौक              3500
  • मुंशी पुलिया    4000
  • इंदिरानगर       4700
  • कानपुर रोड    3500
  • वृंदावन          2000

इलेक्ट्रिक सप्लाई कोड-2005 में उपभोक्ता से 45 दिन की अतिरिक्त सिक्योरिटी जमा करने का प्रावधान है। उसे नोटिस जारी होने के 30 दिन में यह रकम जमा करनी पड़ेगी। लेसा (लाइसेंसी) यह अतिरिक्त सिक्योरिटी को तीन किस्त में ले सकता है। 
- संजय सिंह, सचिव विद्युत नियामक आयोग
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