फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली भले न दे पर बिल जरूर कम कर देगी सरकार

Thu, 19 Jun 2014 01:13 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
भले ही प्रदेश सरकार जनता को बिजली न दे सकी हो पर अखिलेश सरकार ने ऐसा इंतजाम किया है कि अगले साल से बिजली का बिल जरूर कम हो जाएगा।
विज्ञापन


जी हां, राज्य विद्युत नियामक आयोग ने साफ किया है कि बिजली कंपनियों को बिलों पर 2.84 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज वसूलने की अनुमति दो वर्ष के लिए नहीं बल्कि एक वर्ष के लिए ही दी गई है।

आयोग ने रेग्युलेटरी सरचार्ज लगाए जाने के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका पर उपभोक्ता परिषद को लिखित स्पष्टीकरण भेजकर यह जानकारी दी है।

आयोग ने कहा है कि चालू वित्तीय वर्ष में 2.84 प्रतिशत तथा वर्ष 2015-16 में 0.34 प्रतिशत रेग्युलेटरी सरचार्ज की वसूली की जाएगी।

बनी हुई थी भ्रम की स्थिति

गौरतलब है कि नियामक आयोग के 2.84 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज वसूलने की 6 जून को अनुमति दिए जाने के बाद अवधि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। पावर कॉर्पोरेशन का कहना था कि आयोग ने दो साल के लिए 2.84 फीसदी सरचार्ज लगाने की मंजूरी दी है।

इसके विरोध में उपभोक्ता परिषद ने एक प्रत्यावेदन दाखिल किया था। बुधवार को उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा से मुलाकात कर इसपर स्थिति साफ करने का अनुरोध किया।

इसके बाद आयोग ने लिखित स्पष्टीकरण जारी करके कहा है कि 2014-15 में 2.84 प्रतिशत तथा 2015-19 में परफॉर्मेंस के आधार पर केवल 0.34 प्रतिशत सरचार्ज लगाने की अनुमति दी गई है। किसी भी स्थिति में जनता से ज्यादा वसूली नहीं की जाएगी।
विज्ञापन

कम हो जाएगा सरचार्ज

नियामक आयोग के सचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव की ओर से उपभोक्ता परिषद को भेजे गए स्पष्टीकरण में कहा गया है कि पावर कॉर्पोरेशन द्वारा आयोग के आदेश का गलत अर्थ निकाल कर दो वर्ष तक 2.84 प्रतिशत रेग्युलेटरी सरचार्ज लगाने की बात कही जा रही है।

आयोग के आदेशानुसार कॉर्पोरेशन के वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव में बताई गई लाइन हानियों की परफॉर्मेंस के आधार पर दूसरे साल केवल 0.34 प्रतिशत सरचार्ज की ही वसूली की जाएगी।

यही आदेश सभी बिजली कंपनियों पर लागू होगा। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि इससे प्रदेश की जनता को काफी राहत मिल गई है। अगले साल काफी कम सरचार्ज लगने से बिलों का बोझ कम होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें