लखनऊ। अपार्टमेंट में रहने वाले उपभोक्ताओं का प्रति माह रीडिंग का बिजली बिल नहीं बन रहा है। इससे वे उपखंड कार्यालय में शिकायत करने पहुंचे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इससे उपभोक्ताओं पर बिजली के बिल का बोझ बढ़ता जा रहा है और पॉवर कॉर्पोरेशन का राजस्व भी प्रभावित हो रहा है।
बिल बनवाने भेजा तो कार्यालय से लौटाया
शालीमार वन वर्ल्ड अपार्टमेंट में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक आरसी त्रिपाठी ने अमर उजाला को बताया कि उनके फ्लैट में आठ किलोवाट का पोस्टपेड कनेक्शन है। मीटर रीडर. अपनी मर्जी से रीडिंग दर्ज करके बिल बनाता है। 13 नवंबर तक जब बिल नहीं मिला तो 14 नवंबर को घर के सेवक को रीडिंग लेकर गोमतीनगर विस्तार सेक्टर-4 कार्यालय भेजा तो यहां तैनात अभियंता ने लौटा दिया। अभियंता ने दावा किया कि मीटर रीडर अपार्टमेंट में आकर ही बिल बनाएगा। वहीं, पीड़ित का दावा है कि अपार्टमेंट में कई फ्लैटों के बिजली मीटर की हर माह रीडिंग नहीं होती है।
चार साल से फ्लैट पर नहीं मिला बिल
पारिजात अपार्टमेंट के ए-3/604 निवासी एसडी श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले चार साल से उनको बिल देने के लिए फ्लैट पर कोई नहीं आया। वे प्रति माह पहले हफ्ते में ही ऑनलाइन बिल देखकर भुगतान कर रहे हैं। इस महीने की सात तारीख को 5,945 रुपये का बिल भुगतान कर दिया। उन्होंने बताया कि अपार्टमेंट में कई ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्हें बिजली का बिल नहीं मिलता है।
ये है नियम
अपार्टमेंट में उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर के जरिये ही कनेक्शन देने का प्रावधान है। इसके बाद भी पोस्टपेड मीटर लगाए गए हैं। इसके बाद भी बिलिंग एजेंसी के रीडरों की ओर से प्रति माह अपार्टमेंट के शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग दर्ज करके बिल नहीं बनाए जा रहे हैं। अब सवाल ये है कि जब अपार्टमेंट में प्रीपेड मीटर लगने का प्रावधान तो फिर वहां पोस्टपेड कनेक्शन क्यों दिए गए।
इन अपार्टमेंट के लोग हैं परेशान
एलडीए के सृष्टि, सुरभि, सरगम, सुलभ, जनेश्वर और पारिजात, शालीमार सहित अधिकतर अपार्टमेंट में रहने वाले निवासियों को हर महीने बिल बनवाना ही पड़ता है।
बिलिंग एजेंसी के खिलाफ करेंगे कार्रवाई
अपार्टमेंट में पांच किलोवाट या इससे अधिक लोड के दिए गए बिजली कनेक्शन के मीटर की रीडिंग एमआरआई सिस्टम से दर्ज होती है। बिलिंग एजेंसी, शालीमार सहित जिन अपार्टमेंट में प्रति माह रीडिंग का बिल नहीं बना रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
खालिद सिद्दीकी, एक्सईएन चिनहट खंड