सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का बड़ा बयान आया है कि यूपी में बिजली की दरें नहीं बढ़ाई जाएंगी।
उन्होंने राज्य सरकार का हवाला देते हुए कहा कि लोगों को हर समय बिजली भी मुहैया कराई जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से चर्चा थी कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार की तर्ज पर प्रदेश में भी घरेलू बिजली की दरें कम की जा सकती हैं।
इस पर सरकार की ओर से भले ही चुप्पी साधी गई हो, लेकिन तमाम सुझाव भी सामने रख दिए गए। अमर उजाला ने इस कड़ी में सबसे अग्रणी भूमिका अदा की और प्रमुखता से इस खबर को प्रकाशित किया।
ये थे कुछ प्रमुख सुझाव
1-पावर कार्पोरेशन महंगी बिजली खरीदने से परहेज करे और भारी भरकम लाइन हानियों (बिजली चोरी) में कमी लाने के लिए गंभीर हो।
2-लाइन हानियों में सिर्फ 5 फीसदी की कमी लाकर घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में तत्काल 25 फीसदी तक की कमी की जा सकती है।
3-10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया बिजली बिल वसूलकर भी बिजली कंपनियों की माली हालत सुधारी जा सकती है। इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिल सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि 2003-04 तक जहां प्रदेश में बिजली खरीद की औसत लागत 1.72 रुपये प्रति यूनिट थी वह अब बढ़कर चार रुपये प्रति यूनिट तक जा पहुंची है।
बहरहाल, प्रदेश के लोगों के लिए यह राहत की खबर है कि गैस, सीएनजी और पीएनजी के बढ़ते दामों के बीच बिजली उन्हें करंट नहीं लगाएगी।