फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: छत पर बन रही बिजली, बिल हो रहा आधा

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। आम बिजली उपभोक्ता जहां महंगे बिल से टेंशन में हैं तो राजधानी में काफी परिवार ऐसे भी हैं, जिन्हें इसकी चिंता नहीं रहती। ये वे लोग हैं, जिनकी छत पर सौर ऊर्जा से खूब बिजली बन रही है। रोजाना औसतन 350 लखनऊ वासियों का बिजली बिल आधे से ज्यादा कम हो रहा है।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को लखनऊ में 337 सोलर संयंत्र लगाए गए। इस वर्ष दो जून तक 1.03 लाख से ज्यादा सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। इनमें से एक लाख संयंत्र बीते पांच महीनों में लगे हैं। यह आंकड़ा उन सोलर पैनलों का है, जो पीएम सूर्य घर योजना के तहत लगाए गए हैं और ग्राहकों ने इसके बदले सब्सिडी ली है। इसके अलावा शहर में तीन किलोवाट से ज्यादा के पैनल भी लगे हैं, जो सब्सिडी के दायरे में नहीं हैं।

लखनऊ में अब तक तीन लाख से ज्यादा रूफटॉफ सोलर पैनल लग चुके हैं, जिनसे रोजाना करीब 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यूपीनेडा में पंजीकृत और अपंजीकृत कंपनियों को मिला लें तो 400 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। इससे बिजली बिल चौथाई से भी कम हो गया है। खास बात यह भी है कि सौर ऊर्जा की बिजली में फाल्ट की समस्या नहीं आती। उत्तर प्रदेश काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिक डॉ. सुमित श्रीवास्तव के मुताबिक सौर ऊर्जा से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करके पर्यावरण को सुरक्षित किया जा सकता है।
विज्ञापन




...तो शून्य हो जाए बिजली की मांग

वर्ष 2015 में गोमतीनगर स्थित आवास में पांच किलोवाट का सोलर पैनल लगवाने वाले सौर ऊर्जा विशेषज्ञ डॉ. भरत राज सिंह बताते हैं कि गर्मियों में लखनऊ में बिजली की खपत का औसत 2000 मेगावाट है। राजधानी में 15 लाख से ज्यादा घर होंगे। सभी में सौर ऊर्जा संयंत्र लग जाएं तो बिजली की मांग शून्य हो जाए।
विज्ञापन




सोलर पैनल की क्षमता और सब्सिडी

क्षमता- सब्सिडी- अनुमानित लागत-

एक किलोवाट- 42 हजार रुपये- 60 हजार रुपये

दो किलोवाट- 90 हजार रुपये- 1.20 लाख रुपये

तीन किलोवाट- 1.08 लाख रुपये - 1.80 लाख रुपये

चार किलोवाट- 1.08 लाख रुपये - 2.40 लाख रुपये

पांच किलोवाट- 1.08 लाख रुपये - 3.00 लाख रुपये





प्रदेश के टॉप फाइव शहरों में लखनऊ

जिला- जून में संयंत्र लगे - 2026 में संयंत्र लगे

लखनऊ- 718- 103321

वाराणसी- 265- 41,693

कानपुर नगर- 244- 35,532

बरेली- 156- 23,887

आगरा- 169- 20,937

(नोट : आंकड़े एक और दो जून के)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें