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10 हजार की घूस लेता बिजलीकर्मी गिरफ्तार, कन्केशन काटने के लिए ले रहा था घूस

Thu, 07 Feb 2019 11:34 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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जांच करते अधिकारी और घेरे में आरोपी - फोटो : amar ujala
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बिजली कनेक्शन के स्थायी विच्छेदन का प्रमाण पत्र देने के नाम पर 10 हजार रुपये की घूस लेने वाले कर्मचारी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने बुधवार को रंगेहाथ दबोचा। आशियाना थाने मेें रिपोर्ट दर्ज कराकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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सर्किल अफसर आशु कालिया के मुताबिक इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी स्थित सेस खंड-दो में तैनात राजकुमार दोपहर दो बजे बंथरा निवासी नितिल पटेल से कार्यालय के बाहर 10 हजार रुपये की घूस ले रहा था। इसी वक्त भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक जटा शंकर सिंह ने टीम संग उसे दबोच लिया।

कर्मचारी पहले बिजली बिल का संशोधन एवं स्थायी विच्छेदन का प्रमाण पत्र (पीडी) देता था। वर्तमान में डायरी डिस्पैच करता है। राजकुमार ने नितिन की मां के नाम के बिजली कनेक्शन की पीडी कराई थी, लेकिन वह प्रमाण पत्र नहीं दे रहा था।
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नितिन ने उपखंड अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता से शिकायत की, पर कुछ न हुआ। वहीं, इसका पता चलने पर राजकुमार ने धमकाया कि रकम का हिस्सा ऊपर तक जाता है, इसलिए शिकायत से कुछ नहीं होगा। इसके बाद नितिन ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की।  
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खंडीय कार्यालय जांच के घेरे मेें

बिजली कन्केशन के स्थायी विच्छेदन का प्रमाण पत्र देने के बदले 10 हजार रुपये की घूस लेते पकड़े गए कर्मचारी के मामले में खंडीय कार्यालय भी जांच के घेरे में आ गया है। दरअसल बिजली बिल की 
 पीडी का आदेश अधिशासी अभियंता जारी करता है।

इसका खंडीय कार्यालय में रजिस्टर भी होता है, जिस पर उसका ब्योरा दर्ज करने के बाद उपभोक्ता को रिसीव कराना पड़ता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पीडी का प्रमाण पत्र राजकुमार के पास कैसे पहुंचा। इससे स्पष्ट कि अभियंता एवं अन्य कर्मचारी के इशारे पर ही वह घूस वसूल रहा था। 

आज होगा निलंबन, जांच होगी
सर्किल अफसर ने बताया कि राजकुमार के जेल जाने के 24 घंटे के भीतर उसका निलंबन कर दिया जाएगा। उच्च अफसरोें ने प्रकरण की जांच के निर्देश भी दिए हैं। इसमें जिसकी संलिप्तता एवं लापरवाही सामने आएगी, उसकी रिपोर्ट उच्च अफसरों को भेजी जाएगी। 

 
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