लखनऊ से पंजाब जाने वाली ट्रेनें बिजली से चलने वाले इंजनों से चलाई जा सकेंगी। इस रूट का विद्युतीकरण हो चुका है। जल्द ही रूट पर काशी विश्वनाथ, पंजाब मेल, जनता एक्सप्रेस सहित 15 ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से रवाना की जाएंगी। इससे समय व ईंधन की बचत होगी, जिससे यात्रियों को भी राहत हो जाएगी।
आरवीएनएल के आला अधिकारियों ने गुरुवार को उतरेटिया से बछरावां के मध्य सौ किलोमीटर की रफ्तार में इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल किया। मुख्य परियोजना अधिकारी संजीव सहगल के निर्देशन में उतरेटिया-जंघई 210 किलोमीटर रूट का इलेक्ट्रीफिकेशन का काम पूरा किया गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सीआरएस की अनुमति के बाद रेलवे डीजल इंजनों को हटाकर इलेक्ट्रिक लगाएगा। वहीं लखनऊ से वाराणसी रेलखण्ड पर 32 ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई जाएंगी। इससे प्रदूषण कम होगा।
इतना ही नहीं अभी तक इस रूट पर मेमू सेवा नहीं थी। लिहाजा यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजर ट्रेनों के अतिरिक्त मेमू सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। रेल विद्युतीकरण के बाद रायबरेली-अमेठी-प्रतापगढ़-वाराणसी रूट पर मेमू सेवाओं से दैनिक यात्रियों का सफर काफी आसान हो जाएगा।