किरायेदार ने तीन लाख रुपये का बकाया बिजली बिल चुकाया नहीं। किरायेदार ने सांठगांठ करके मकान मालिक की एनओसी के बगैर ही दूसरा कनेक्शन बहू के नाम से ले लिया।
इसका खुलासा मकान मालिक उमा शरण श्रीवास्तव ने लोक अदालत में किया। इस खुलासे के बाद विद्युत व्यथा निवारण फोरम ने लेसा को फटकारते हुए जांच बैठा दी है।
कृष्णानगर स्थित इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी के फोरम के दफ्तर में गुरुवार को बिजली अदालत का आयोजन किया गया।
इस दौरान उमाशरण श्रीवास्तव ने फोरम को प्रार्थना पत्र देकर खुद के मकान को कुर्की से बचाने की मांग करते हुए अवगत कराया कि उनके आर्यानगर स्थित मकान में 40 साल पुराने किराएदार तीरथ सिंह ने 3 लाख रुपये का बिजली नहीं भरा।
बिजली कटने पर उपकेंद्र के इंजीनियरों से साठगांठ करके 2005 में बकाया परिसर पर ही दूसरा कनेक्शन लेकर बिजली जलाने लगे।
प्रकरण को सुनने के बाद फोरम के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एए हुसैनी ने लेसा की तरफ से पैरवी करने आए सलाहकार को चुप कराते हुए लेसा को फटकारा।
उन्होंने लेसा को निर्देश दिया, कि पहला एवं दूसरा कनेक्शन का पता समान है या भिन्न।
दूसरा कनेक्शन देने से पहले मालिक से एनओसी या नही। तीन लाख का बकाया बिल क्यों नहीं वसूला।
बिजली अदालत में कुल 24 मामले आए। जिनमें अधिकतर बिजली बिल एवं कनेक्शन के थे।
वहीं, उतरेठिया निवासी मोहित बख्शी ने फोरम को बताया कि 60 एचपी के कनेक्शन के लिए एस्टीमेट जमा किया।
लाइन भी बना ली लेकिन लेसा के द्वारा मीटर लगाकर बिजली को चालू नहीं किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान लेसा इंजीनियरों ने फोरम को सफाई दी कि मोहित ने लाइनमैन से बिना लाइन बनाए।
बल्कि कामचलाऊ तार खींचकर बिजली को जलाया जा रहा है।
फोरम ने मोहित को बिजली लाइन बनाने का निर्देश दिया। वहीं काकोरी की राजेश्वरी ने पेट्रोल पंप का विद्युत लोड घटाने की मांग की।