बूथ कैप्चरिंग और जबरन मतदान की घटनाओं को रोकने के लिए आयोग ने एक खास प्लान तैयार किया है।
प्रदेश में बचे हुए तीन चरणों में इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए आयोग खास कार्ययोजना बनाने में जुटा है।
संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे के चरणों के चुनाव में वेबकॉस्टिंग का दायरा बढ़ाने के साथ ही अतिरिक्त माइक्रोऑब्जर्वर तैनात करने की तैयारी है।
प्रदेश में दूसरे और तीसरे चरण के चुनाव में बूथ कैप्चरिंग की घटनाओं को देखते हुए चुनाव आयोग सक्रिय हो गया है।
दूसरे चरण के चुनाव में रामपुर में बूथ कैप्चरिंग हुई। जबकि तीसरे चरण के चुनाव में आगरा, फीरोजाबाद व इटावा के पोलिंग बूथों पर जबरन वोट डाले गए।
इन सभी जगहों पर आयोग ने दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया है।
आयोग ने कहा है कि संवेदनशील मतदान केंद्रों में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी, वेबकॉस्टिंग व माइक्रोऑब्जर्वर पहले की अपेक्षा ज्यादा लगाए जाएंगे साथ ही केंद्रीय बलों की और अधिक तैनाती की जाएगी।
ओएसडी इलेक्शन वीके गुप्ता कहते हैं कि इस बार ज्यादा से ज्यादा मतदान स्थलों की वेबकॉस्टिंग कराने की तैयारी है। जिलों को इसके लिए निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन केंद्रों की वेबकॉस्टिंग हो रही है वहां कोई गड़बड़ी अभी तक नहीं हुई है। यहां तैनात स्टाफ भी ज्यादा सक्रिय रहते हैं।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रमाकांत पांडेय कहते हैं कि आगे के चुनाव के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों को और सक्रिय रहने के लिए कहा गया है।
जिन संवेदनशील मतदान केंद्रों में इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं मिल पा रही है वहां पर वीडियोग्राफी कराने के साथ ही अधिक संख्या में माइक्रोऑब्जर्वर तैनात करने के लिए कहा गया है।