लखनऊ के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा विधानसभा चुनाव में कानपुर के जिलाधिकारी थे। उन्होंने दिव्यांग मतदाताओं की चुनाव में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए खास प्रयास किए।
दिव्यांगों के लिए खासतौर से मतदाता सूची का नए सिरे से पुनरीक्षण, दिव्यांग मतदाताओं का पंजीकरण और उनका डाटाबेस तैयार करने का काम तो हुआ ही, चुनाव के दिन इनके लिए मतदान सहायक भी नियुक्त किए गए। सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया।दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इनके लिए अलग कंट्रोल रूम खोले गए। इन प्रयासों का असर यह हुआ कि दिव्यांगों के 80.78 फीसदी वोट पड़े। शर्मा की यह पहल इनोवोशन श्रेणी में चयनित हुई है।
ऋतु सुहास को ‘स्वीप’ श्रेणी का स्पेशल अवॉर्ड
विधानसभा चुनाव के दौरान स्वीप (सिस्टमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) कार्यक्रम को नवाचार के साथ लागू करने के लिए पीसीएस अधिकारी ऋतु सुहास पुरस्कृत होंगी। उन्हें स्वीप श्रेणी का स्पेशल अवॉर्ड मिलेगा।
ऋतु ने भी दिव्यांगों के बीच मतदान जागरूकता को लेकर ऐप आधारित व्यवस्था लागू की थी। इसके अच्छे नतीजे सामने आए थे। ऋतु ने आजमगढ़ में उप संचालक चकबंदी के पद पर रहते हुए चुनाव में जो नव प्रयोग किया, उसके लिए वह चुनी गई हैं। वह इस समय इलाहाबाद में अपर नगर आयुक्त हैं।