विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग हरकत में आ गया है। राज्य के दौरे पर आने से पहले आयोग ने शासन से जिलों में तैनात अफसरों की रिपोर्ट मांगी है।
इस क्रम में आयोग ने जिलों में तैनात प्रशासनिक व पुलिस अफसरों का पूरा ब्यौरा तलब किया है। साथ ही थानेदारों और राजस्व विभाग से संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती की जानकारी मांगी है। इस बार आयोग कानून-व्यवस्था को लेकर ज्यादा ही सतर्क है।
इसीलिए आयोग ने अभी से उन क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधों का खाका तैयार करने को कहा है जहां वोटरों को डराने-धमकाने आशंका है। गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी की अगुवाई में आयोग की टीम 15 सितंबर के बाद प्रदेश के दौरे पर आ सकता है।
इससे पहले आयोग प्रदेश में चुनावी तैयारियों का ब्यौरा तैयार करा रहा है। बीते माह उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने आला अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा भी की थी।
तीन साल से तैनात अधिकारियों को हटाने के दिए आदेश
इसी के बाद आयोग ने शासन को तीन साल से एक ही जगह तैनात प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए थे। अब इस बारे में रिपोर्ट तलब की गई है।
आयोग के निर्देश के बाद शासन ने कई जिलों में डीएम की तैनाती में फेरबदल के साथ-साथ बड़ी संख्या में पीसीएस अफसरों का तबादला भी किया है। थानेदारों के तबादलों की प्रक्रिया चल रही है। आयोग ने सूबे के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अब तक की तैयारियों व ट्रांसफर पोस्टिंग पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों का कहना है कि इसी सप्ताह आयोग को तबादलों पर विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा सकती है। आयोग विधानसभा चुनाव में लोगों को बिना किसी भय के निष्पक्ष वोट डालने के लिए इस बार विशेष कार्ययोजना तैयार करा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने 700 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल की मांग की है। आयोग अपने स्तर पर आकलन करा रहा है कि प्रदेश में चुनाव के लिए कितने अर्धसैनिक बल की जरूरत पड़ेगी।
मतदान का सीधा प्रसारण होगा
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चुनाव में किसी तरह की धांधली रोकने व वोटिंग पर सीधे निगरानी के लिए आयोग इस बार ज्यादा से ज्यादा मतदान केंद्रों पर वेवकॉस्टिंग (मतदान का सीधा प्रसारण) की व्यवस्था कर रहा है।
इसके लिए सभी मतदान केंद्रों पर बिजली के इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। जहां वेबकॉस्टिंग में तकनीकी दिक्कत हो वहां मतदान की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी की व्यवस्था कराने को कहा गया है।
इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शासन के साथ तालमेल करके कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।