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भाजपा का संकल्प पत्र: एजेंडे को धार, सरोकारों पर नजर

Mon, 13 Nov 2017 12:24 PM IST
अखिलेश वाजपेयी/ अमर उजाला, लखनऊ
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लोक कल्याण संकल्प पत्र जारी करते सीएम योगी व अन्य। - फोटो : amar ujala
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भाजपा ने निकाय चुनाव के लिए जारी संकल्प पत्र से न सिर्फ हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने की कोशिश की है बल्कि शहरियों के रोजमर्रा के सरोकारों पर लुभावने वादे करके चुनावी गणित साधने का प्रयास किया है। विधानसभा चुनाव की तरह इस चुनाव में भी मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, प्रयाग, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट, कुशीनगर और वाराणसी को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने तथा बौद्ध सर्किट से संबंधित महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के विकास का वादा किया गया है। जाहिर है हिंदुत्व का एजेंडा सर्वोपरि है।
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पिछड़े, दलित, गरीब और युवा
लोकसभा चुनाव के समय से ही भाजपा के एजेंडे में दलित, पिछड़े और गरीब रहे हैं। इसलिए इन तबकों के कल्याण और उत्थान के लिए भाजपा की संकल्पबद्धता का संदेश देने वाले कामों को भी संकल्प पत्र में शामिल करके पार्टी ने अपने मूल शहरी वोट को और मजबूती से जोड़ने की कोशिश की है। साथ ही निकायों के अधिशासी अधिकारियों के पद पर उच्च तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त एमबीए स्नातक युवाओं को तैनाती देने की बात कहकर युवाओं को भी लुभाने का प्रयास किया है। महिलाओं के लिए कई वादे करके इन्हें भी लामबंद करने का प्रयास किया गया है। 

पुराने कामों को विस्तार

बीजेपी-कांग्रेस - फोटो : File Photo
इस संकल्प पत्र में धार्मिक स्थलों के लिए लखनऊ से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने, मथुरा, काशी, झांसी एवं गोरखपुर को जोड़ने वाले रोड कॉरिडोर का निर्माण, प्रमुख शहरों में रिंग रोड, बाईपास, अंडरपास का निर्माण और वातानुकूलित बस सेवा का संचालन जैसी घोषणाएं विधानसभा चुनाव के दौरान लाए गए संकल्प पत्र का ही विस्तार हैं। निकायों की शैक्षणिक संस्थाओं में स्मार्ट क्लासेज का संचालन, कूड़ा प्रबंधन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की घोषणा, गंदे पानी की निकासी, धार्मिक, ऐतिहासिक , पुरातात्विक महत्व के स्थानों का सौंदर्यीकरण तथा लाइट एवं साउंड सिस्टम की व्यवस्था, बसों में प्री पेड स्मार्ट कार्ड, शहरों के मुख्य इलाकों में 20 से 50 साइकिल वाले स्टैंड बनाने का वादा, मुख्य स्थानों पर वाई-फाई जैसी सुविधाओं के वादे, मजदूरों और जरूरतमंदों के लिए शहरी आजीविका मिशन से शेल्टर होम्स का निर्माण भी नई बातें नहीं हैं।

सवाल के सहारे साधे सियासी समीकरण

डेमो - फोटो : डेमो
निश्चित रूप से विपक्ष यह सवाल उठा सकता है कि बड़े महानगरों में तो ज्यादातर में अब भी भाजपा के ही महापौर थे तो फिर उनकी दशा में बदलाव क्यों नहीं हुआ? पीने के पानी से लेकर साफ-सफाई की समस्या से लोग परेशान क्यों रहे? इसीलिए संकल्प पत्र जारी करते हुए पार्टी नेताओं ने यह कहकर पहले ही इन सवालों का जवाब दे दिया कि लंबे समय से प्रदेश में भाजपा की सरकार न होने के चलते पार्टी चाहकर भी काम करा नहीं सकी। पर, अब केंद्र से लेकर प्रदेश तक भाजपा की ही सरकार है। इसलिए इस बार भी अगर निकायों में भाजपा जीती तो पार्टी के संकल्प, सोच और सरोकारों के मुताबिक काम को जमीन पर उतारने में कोई कठिनाई नहीं आएगी।

सरोकारों का सहारा

बीजेपी - फोटो : self
सिर्फ धर्मस्थलों को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने का वादा ही नहीं दोहराया गया है बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के आश्रितों को जलकर से छूट देने का भी संकल्प व्यक्त किया गया है। हालांकि लोकतंत्र सेनानियों के लिए किसी रियायत या सुविधा को शामिल नहीं किया गया। यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लोकतंत्र सेनानियों में ज्यादातर भाजपाई ही हैं। राष्ट्रीय मनीषियों, कवियों, साहित्यकारों, कलाकारों, संस्कृति कर्मियों, खिलाड़ियों, समाज सुधारकों की स्मृति में संबंधित नगरों में गैलरी या स्मृतिका के निर्माण की घोषणा भी सरोकारों के सहारे स्थानीय समीकरण ठीक करने की कोशिश का ही हिस्सा नजर आते हैं।

श्मशान न कब्रिस्तान, अब अंत्येष्टि स्थल पर ध्यान

बीजेपी - फोटो : SELF
विधानसभा चुनाव में श्मशान और कब्रिस्तान जैसे मुद्दों के सहारे हिंदुओं को लामबंद कर चुकी भाजपा ने निकाय चुनाव के संकल्प पत्र में इन शब्दों का इस्तेमाल तो नहीं किया है। पर, अंत्येष्टि स्थलों के विकास, वहां पेयजल, शेड, मार्ग और बैठने की व्यवस्था की बात को संकल्प पत्र में शामिल करके भाजपा ने बिना कुछ कहे एजेंडे को धार देने के लिहाज से बहुत कुछ कह दिया है।
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गरीबों पर नजर 

BJP, Congress
गरीबों पर फोकस करते हुए जहां फेरी और पटरी दुकानदारों के लिए फुटपाथ पर स्थान तय करने, नगरों में फेरी करके या मजदूरी करके, रिक्शा चलाकर या ऐसे ही छोटे-मोटे काम करके जीवन यापन करने वालों के लिए शेल्टर होम्स में नि:शुल्क ठहरने और बिस्तर आदि की व्यवस्था करने का वादा किया गया है तो वाल्मीकि समाज को साथ जोड़ने केलिए सीवर टैंकों की सफाई मशीनों से कराने की व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है।
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