सद्दरपुर। सुल्तानपुर जिले के अखंडनगर के नगरी हकीमपुर गांव में बृहस्पतिवार सुबह सांड़ के हमले में घायल सुरता देवी (68) की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुत्र विनोद कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे सुरता देवी घर के पीछे बने शौचालय की ओर जा रही थीं। इसी दौरान अचानक एक सांड ने उन पर हमला कर दिया था।
परिजन और ग्रामीणों ने उन्हें अखंडनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया था। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल अंबेडकरनगर रेफर कर दिया गया था। स्थिति में सुधार न आने पर मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर रेफर किया गया जहां उपचार के दौरान बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े आठ बजे उनकी मौत हो गई। बड़े पुत्र विनोद ने बताया कि मां रोज की तरह सुबह घर के पीछे गई थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि ऐसा हादसा हो जाएगा।
दादी की मौत से बदहवास हुए पोते
सुरता देवी अपने परिवार में सबसे अधिक समय पोतों के साथ बिताती थीं। उनके चार पोते हैं। विनोद कुमार सिंह के बेटे अनंत (26) और प्राजंल (24), जबकि सुनील सिंह के बेटे वेदांत (18) और विराज (10) हैं। दादी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। पोतों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
ये है मदद का प्रावधान
सांड या नीलगाय के हमले/टक्कर में मौत होने पर राज्य आपदा निधि से 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति गंभीर रूप से घायल या अपंग हो जाता है, तो उसे भी 2.50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान है।