लखनऊ। चंपारण हमसफर एक्सप्रेस से 11 नवंबर को पत्नी मंदिका देवी के साथ खगड़िया (बिहार) से दिल्ली जा रहे बुजुर्ग फूलेश्वर प्रसाद (75) चारबाग स्टेशन से लापता हो गए। सूचना पर 12 नवंबर को मधेपुरा, बिहार से परिजन लखनऊ पहुंचे तो जीआरपी ने उन्हें तलाशने की जगह सीमा विवाद में उलझाए रखा। सीएम से शिकायत होने पर जीआरपी ने आनन-फानन मामला दर्ज किया। परिजनों का आरोप है कि जीआरपी बुजुर्ग यात्री को ढूंढने में संजीदगी नहीं दिखा रही है।
परिजनों का आरोप है कि पिता को खोजने के लिए जीआरपी से गुहार लगाई। पर उन्हें यह कहकर टरका दिया गया कि मामला हुसैनगंज थाने का है। परिजन हुसैनगंज थाना पहुंचे तो कहा गया कि स्टेशन जीआरपी के क्षेत्र में आता है। इसके बाद परिजनों ने सोशल मीडिया एक्स पर सीएम योगी आदित्यनाथ से मामले की शिकायत की। इसके बाद जीआरपी ने फोन कर उन्हें बुलाया और देर रात गुमशुदगी दर्ज की।
परिजनों ने आरोप लगाया कि वह घंटों तक स्टेशन पर खुद ही फूलेश्वर प्रसाद को खोजते रहे, लेकिन पुलिस और जीआरपी ने उनकी कोई मदद नहीं की। जीआरपी ने कंट्रोल रूम के फुटेज खंगाले तो फूलेश्वर प्रसाद स्टेशन से किसी के साथ जाते हुए नजर आ रहे थे। जीआरपी इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह का कहना है कि बुजुर्ग यात्री मानसिक रूप से बीमार हैं। उनके परिजनों के आने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी।