रायबरेली। जिला अस्पताल में रविवार को ऑक्सीजन के अभाव में एक बुजुर्ग की जान चली गई। इमरजेंसी वार्ड में कुछ देर तक आक्सीजन के लिए बुजुर्ग तड़पता रहा। दो सिलिंडर खाली थे। तीसरा ऑॅक्सीजन सिलिंडर लेकर स्वास्थ्य कर्मी पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। खीरों थाना क्षेत्र के सेमरी गांव निवासी रामकुमार (65) सांस की समस्या से परेशान थे।
हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर सीएचसी लालगंज पहुंचे। हालत गंभीर होने पर सीएचसी से रामकुमार को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। छोटे भाई राजकुमार ने बताया कि बड़े भाई को जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में भर्ती कर लिया गया। उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत थी। इमरजेंसी कक्ष में तैनात स्टाफ दो ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर पहुंचे, लेकिन वह खाली थे।
आधा घंटे बाद स्टाफ तीसरा सिलिंडर लेकर पहुंचा, लेकिन तब तक उनके भाई की मौत हो चुकी थी। पीड़ित पक्ष ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी से उसके भाई की जान गई है।
10 दिन से ऑक्सीजन प्लांट बंद
जिला अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट करीब 10 दिन से बंद चल रहा है। इससे वार्डों को ऑक्सीजन की आपूर्ति सीधे तौर पर नहीं हो रही है। ऐसे में कंसंट्रेटर व सिलिंडर से आक्सीजन की कमी पूरी की जा रही है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण कंसंट्रेटर व सिलिंडर से ऑक्सीजन मिलना आसान नहीं है। खाली सिलिंडरों को भरवाया नहीं जा रहा है। इसका खामियाजा रोगियों को उठाना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। ऑक्सीजन प्लांट शुरू करा दिया गया है। कंसंट्रेटर व सिलिंडर से भी मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा दी जा रही है। ऑक्सीजन की कमी से मरीज की मौत की बात गलत है। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराएंगे।
- डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस, जिला अस्पताल