एनआरएचएम घोटाले के आरोपियों की संपत्ति की पड़ताल कर रही ईडी को लखनऊ के हजरतगंज की एक बहुमंजिला इमारत में बने एक ऐसे फ्लैट की जानकारी मिली है, जिसकी कुछ ही महीनों में आठ बार रजिस्ट्री की गई।
ईडी को अंदेशा है कि मनी लॉन्ड्रिंग की नीयत से ही इस फ्लैट की बार-बार रजिस्ट्री की गई।
ईडी के सूत्रों का कहना है कि इस फ्लैट के तार पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा व उनके नजदीकियों से भी जुड़ रहे हैं।
ईडी की एक टीम ने पिछले दिनों जेल जाकर पूर्व मंत्री से इस बाबत पूछताछ भी की थी। इसमें पूर्व मंत्री से उनकी अन्य संपत्तियों के बारे में भी पूछा गया था।
साथ ही उनके करीबियों के नाम से चल रही विभिन्न कंपनियों से उनकी संलिप्तता के बारे में जानकारी मांगी गई थी।
ईडी के सूत्र बताते हैं कि इस फ्लैट के अलावा अन्य फ्लैट व भवनों की भी जानकारी सामने आई है।
ऐसे ही कुछ भवनों को ईडी ने पिछले दिनों सील कर नोटिस भी चस्पा किया था।
इसमें पूर्व मंत्री की कंपनी ब्लूम रियल्टर्स के गोमतीनगर स्थित भवन पर की गई कार्रवाई भी शामिल थी।
इस कंपनी के संचालक पूर्व मंत्री के नजदीकी रिश्तेदार गया प्रसाद कुशवाहा बताए जा रहे हैं।
ईडी को गया प्रसाद की भी तलाश है और वह इसके लिए कार्यालय के भवन पर नोटिस भी चस्पा कर चुकी है।