लखनऊ। केजीएमयू में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को अब इधर-उधर रात नहीं गुजारनी पड़ेगी। इनके लिए शताब्दी भवन के बगल में आठ मंजिला रैन बसेरा बनेगा। इस भवन के लिए ओएनजीसी ने कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसबिलिटी के तहत 37 करोड़ रुपये दिए हैं। प्रोजेक्ट के लिए मंगलवार को कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने ओएनजीसी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
कुलपति ने बताया कि शताब्दी भवन के पास 270 बेड की क्षमता वाला दो मंजिला रैन बसेरा है। यह करीब साढ़े चार हजार बेड की क्षमता वाले केजीएमयू में आने वाले तीमारदारों के मुकाबले नाकाफी है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में बहुमंजिला रैन बसेरा बनाने के लिए कहा था। उनकी पहल पर ओएनजीसी ने इसमें वित्तीय सहायता की सहमति दी है। रैन बसरे की क्षमता 1370 बेड की होगी। इसमें तीमारदारों के खाने-पीने के लिए भी व्यवस्था होगी।