लखनऊ। कमिश्नरेट पुलिस कहीं वसूली करने में मशगूल है तो कहीं बेगुनाह को जेल भेजा जा रहा है। यहां तक कि साप्ताहिक बाजारों में बोलियां लगाकर वसूली में पुलिस लिप्त है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में शिकायत आने पर पुलिस अधिकारियों ने अपनी साख बचाने के लिए कृष्णानगर में फिनिक्स चौकी प्रभारी सहित छह और काकोरी थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
कृष्णनगर के फि निक्स मॉल के पास मंगलवार को साप्ताहिक बाजार लगती हैैं। डीसीपी सेंट्रल के पास शिकायत पहुंची कि इन दुकानों से पुलिस की शह पर कुछ लोग वसूली कर रहे हैैं। डीसीपी सेंट्रल सोमेन वर्मा ने अपनी क्राइम टीम की मदद से बाजार में जबरन वसूली करने वाले दीपू पांडेय, शिवा कश्यप, मो. नईम, अनुज सिंह, अंकज वर्मा, टिल्लू राजपूत और मो. रेहान को गिरफ्तार किया। उन्हें गिरफ्तारी करने वाली टीम में फिनिक्स चौकी इंचार्ज सौरभ तिवारी को फ र्द में शामिल किया गया। मो. वसीम की तहरीर पर अवैध वसूली करने वाले सातों के खिलाफ बलवा, मारपीट, धमकी और रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं फिनिक्स चौकी प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों पर साप्ताहिक बाजार में वसूली का आरोप लगा। डीसीपी मध्य सोमेन वर्मा ने अपनी क्राइम टीम से जांच कराई जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद चौकी प्रभारी सौरभ तिवारी, मुख्य आरक्षी नवनीत शुक्ला, मो. खालिद, जयशंकर पांडेय, आरक्षी रिंकू यादव व उदयभान को लाइन हाजिर कर दिया गया।
निर्दोष को जेल भेजा और उसके पांच हजार रुपये व सामान भी डकार गए
मड़ियांव निवासी तेज सिंह गत 5 फरवरी को काकोरी थाना क्षेत्र स्थित नर्सिंग होम में अपने दोस्त की बीमार मां को देखने जा रहे थे। दुबग्गा चौराहे पर हाफ डाला ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी थी। पुलिस ने उल्टे तेज सिंह को 1200 रुपये की वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 386 के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया था। यही नहीं, तेज सिंह की जामा तलाशी में पुलिस को 5000 रुपये, मोबाइल का हेडफोन, घड़ी बरामद मिला लेकिन उसे मालखाने में जमा नहीं किया। न ही इसका कोई जिक्र जीडी में किया। आरोप है कि इसे थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने आपस में बांट लिया। इसका खुलासा 13 दिन बाद हुआ। जब जेल से रिहा होकर तेज सिंह वापस आए। थाने पहुंचकर अपना सामान मांगा तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें सिर्फ एंड्रायड फोन ही वापस दिया। तेज सिंह और पुलिसकर्मियों के बीच बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कमिश्नर डीके ठाकुर के आदेश पर एसीपी काकोरी सैयद अली अब्बास ने जांच की जिसमें तेज सिंह का आरोप सही पाया गया। इसके बाद आरोपी पुलिसकर्मी त्रिभुवन सिंह व रक्षापाल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं प्रभारी निरीक्षक को क्लीन चिट दे दी।
आलमबाग में भी वसूली की शिकायत
मानकनगर निवासी भरत दीक्षित को तीन दिन पहले पानी के बताशे वाले के साथ मारपीट के आरोप में पकड़ा गया था। पुलिस से शिकायत होने पर दोनों पक्ष आलमबाग थाने पहुंचे। जहां कुछ देर बाद दोनों के बीच लिखित समझौता भी हो गया। आरोप है कि इससे पहले पुलिस ने भरत दीक्षित की जामा तलाशी ली जिसमें 16 हजार से ज्यादा नकदी पुलिस से निकाल ली। समझौता होने के बाद जब भरत ने अपने पैसे वापस मांगे तो थाने में मौजूद पुलिसकर्मी ने उसे पीट दिया और 151 की कार्रवाई कर जेल भेज दिया। जमानत पर छूटकर लौटा भरत जब अपना पैसा लेने थाने पहुंचा तो उसे आधी रकम थमा दी गई। भरत का आरोप है कि जब उसने इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की तो पुलिस कर्मियों ने मात्र 13 हजार रुपये देकर उसे चलता कर दिया। तीन हजार रुपये फिर भी नहीं दिए। इस मामले को पुलिस अधिकारी जानने के बाद भी दबा गए।