इसी गांव में 45 वर्षीय सरिता पत्नी कृष्ण लाल तथा गांव की सीमा पर ग्राम बाबुरास पांडेपुरवा निवासी श्रीनाथ शुक्ल 60 वर्ष पुत्र भगवती प्रसाद की कोरोना से मौत हुई है। इसके अलावा करनैलगंज क्षेत्र के युवा वर्ग में भी कोरोना का संक्रमण तेजी से प्रभावी है। जिसमें पाण्डेयचौरा के रहने वाले 22 वर्षीय मनीष सिंह पुत्र मदन सिंह की मौत हो गई।
इसके अलावा, गुरसडी के 21 वर्षीय शुभम पुत्र दयाराम गोस्वामी की मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। गांव के कई और लोगों में भी कोरोना संक्रमित होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, बताया जा रहा है कि संक्रमण की इस रफ्तार के बाद भी प्रशासन की ओर से इस गांव को न तो अभी तक सील किया गया है, और न ही इस गांव को लेकर कोई सूचना जारी की गई है। जबकि करीब एक दर्जन से अधिक कोरोना पॉजिटिव लोग इस गांव में बीमारी की हालत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सैनिटाइजेशन या बैरिकेडिंग तक नहीं कराई गई है।
दूसरी तरफ क्षेत्र के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इन मौतों को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी संवेदना व्यक्त करने के साथ चिंता जाहिर की है। उधर करनैलगंज नगर के केवल एक वार्ड से बीते पांच दिनों में आठ लोगों की मौत से मोहल्ले में जबरदस्त दहशत है। एक के बाद एक घरों से निकलने वाली लाशों को देखकर लोग सहम से गए हैं।
करनैलगंज नगर के वार्ड नम्बर 17 में मोहल्ला बालकराम पुरवा व भैरवनाथ पुरवा हैं। इस वार्ड में लगातार हो रही मौतों से मातमी सन्नाटे की दस्तक हो चुकी है। वार्ड सभासद मोहम्मद शाबिर ने प्रशासन को भेजे गए पत्र में लिखा है कि नगर पालिका द्वारा साफ सफाई व सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई है मगर वह कोरोना का इलाज नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम तमाम मौतों के बाद भी मोहल्ले में नहींं पहुंची है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच दिनों में दो परिवारों के चार लोगों सहित आठ लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हो चुकी है। उन्होंने बताया कि उनके वार्ड से मजीद पुत्र ईदू, जैतून पत्नी अय्यूब, समसुद्दीन पुत्र अब्दुल रऊफ, निजामुद्दीन पुत्र अब्दुल रऊफ, मैसर जहां पत्नी रज्जब, मेहरून पत्नी जाकिर, कय्यूम पुत्र अय्यूब, शमा परवीन पत्नी मोहम्मद आरिफ की मौत हो चुकी है जबकि करीब आधा दर्जन लोग बीमार है। जिसमे कुछ का इलाज बाहर चल रहा है। उन्होंने मोहल्ले में स्वास्थ्य टीम को भेजने व जांच कराने के साथ ही पीड़ितों का इलाज कराए जाने की मांग की है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्रा कहते हैं कि कोरोना की जांच व उसका उपचार कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। गांव को सील करने व सेनिटाइज करने का काम प्रशासन व बीडीओ का है। शहरी क्षेत्र में प्रशासन व नगर पालिका का काम है। लगातार जांच कराई जा रही है पॉजिटिव लोगों की सूची प्रशासन व ब्लॉक पर भेज दी जाती है।