केंद्र सरकार ने यूपी विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और राष्ट्रीय चिंतक व लेखक हृदय नारायण दीक्षित समेत यूपी की आठ विभूतियों को पद्म श्री सम्मान देने का एलान किया है। इसके अलावा साध्वी ऋतंभरा को सामाजिक कार्यों और वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय को साहित्य, शिक्षा व पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पद्म भूषण से नवाजा गया है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को चिंतन और संघर्ष के लंबे अनुभव ने पद्म श्री के मुकाम तक पहुंचाया। उन्नाव के छोटे से गांव लउवा में जन्मे दीक्षित आपातकाल के दौरान 19 माह जेल में रहे थे। आरएसएस के स्वयंसेवक से अपनी समाजसेवा की यात्रा प्रारंभ करने वाले दीक्षित जिला परिषद उन्नाव के सदस्य भी रहे हैं।
शुरुआती राजनीतिक जीवन में उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अत्याचार, स्थानीय व प्रदेशस्तरीय समस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन, पद यात्राएं और जनअभियान चलाया। वे कई स्कूलों के प्रबंधक भी हैं। उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के अध्यक्ष रहे। कुल पांच बार विधानसभा के सदस्य चुने गए।
हृदय नारायण दीक्षित 2010-2016 तक विधान परिषद में भाजपा विधायक दल के नेता भी रहे। पंचायती और संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी भी निभाने के साथ भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य रहे। वे जनसंघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ता के तौर पर जिला मंत्री रहे। भाजपा उत्तर प्रदेश के कई मोर्चों व प्रकोष्ठों के संयोजक व अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।
पुरस्कार के लिए चयनित किए जाने के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का हृदय से आभार। भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर मेरे सक्रिय लेखन के प्रति यह सम्मान है। मैं जितना समाजसेवा व राजनीति के फ्रंट पर सक्रिय रहा, उतना ही लेखन के क्षेत्र में। यह सम्मान पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। -हृदय नरायण दीक्षित
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पद्म पुरस्कार 2025 के लिए चुने गए प्रदेश के सभी 10 विभूतियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सभी गणमान्य विभूतियों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपने विशिष्ट और असाधारण योगदान से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रदेश को गौरवभूषित किया है। सभी विभूतियों ने अपने उत्कृष्ठ कार्यों और अटूट ध्येय निष्ठा से अनगिनत व्यक्तियों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। पूरे प्रदेश को इन पर गर्व है।