बेला थाना क्षेत्र के गांव छैहरी के पास मंगलवार देर रात कंसुआ रजबहे में कार गिरने से उसमें सवार पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि पुलिस ने कार का शीशा तोड़ किशोरी समेत दो को बचा लिया। मृतकों में चार कन्नौज और एक रायबरेली जिले का निवासी है। कार सवार अछल्दा से तिलक चढ़ाकर कन्नौज लौट रहे थे।
विज्ञापन
वहीं, चौबेपुर (बिल्हौर) क्षेत्र के रामपुर किशोर सिंह गांव में बुधवार सुबह खेत में टूटकर गिरी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से पिता-पुत्र और भतीजे की मौत हो गई।
कन्नौज जिले के सरायमीरा डाक बंगला रोड निवासी महेश सिंह की बेटी का अछल्दा में मंगलवार शाम तिलक समारोह था। तिलक की रस्म पूरी होने के बाद महेश सिंह के परिवारीजन और रिश्तेदार अलग-अलग गाड़ियों से सरायमीरा लौट रहे थे।
विज्ञापन
एक कार रात करीब साढ़े दस बजे छैहरी गांव के पास रेलिंग विहीन कंसुआ रजबहे की पुलिया से नीचे जा गिरी।
इनकी हुई मौत और इन्हें मिली जिंदगी
किसी तरह कार से बाहर निकले सुबोध ने ट्रक चालक को रोकर उसके मोबाइल से परिजनों और 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। एसडीएम बिधूना बालकराम व बेला थानाध्यक्ष अनिल पांडेय मय फोर्स मौके पर पहुंचे।
वाहन चालकों की मदद से कार का शीशा तोड़कर अदिति (20) पुत्री संदीप को बचा लिया। पुलिस ने दोनों को बिधूना सीएचसी में भर्ती कराया।
जबकि कार में मौजूद कन्नौज हर्षवर्धन नगर निवासी प्रशांत उर्फ शिवम (28) पुत्र डा. रामकिशोर शुक्ला, सरायमीरा निवासी छात्र नेता प्रियंाक उर्फ सोमू (28) पुत्र अवधेश कुमार, अनौगी निवासी रोहित सिंह (26) पुत्र नागेंद्र सिंह और रायबरेली सिलोन थाना क्षेत्र के बबुवाइन निवासी शिवेंद्र पांडेय (30) पुत्र त्रिभुवन प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चार वर्ष की मासूम जान्हवी पानी में बहकर गई।
कई घंटे की तलाश के बाद बुधवार दोपहर उसका शव घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर मिला। परिजनों की ओर से पोस्टमार्टम न कराए जाने की मांग के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है।
पिता-पुत्र समेत तीन की मौत
चौबेपुर (बिल्हौर)। क्षेत्र के रामपुर किशोर सिंह गांव में बुधवार सुबह खेत में टूटकर गिरी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से पिता-पुत्र और भतीजे की मौत हो गई। तीन मौतों से गुस्साए ग्रामीणों ने मैनावती मार्ग जाम कर दिया।
बिजली विभाग की ओर से मुआवजे का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। इस दौरान चार घंटे तक हाईवे जाम रहा।
गांव निवासी रामरतन (50) बेटे विमल(20) और भतीजे अमित (16) पुत्र संतोष के साथ सुबह नौ बजे खेत में सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन स्पार्किंग के बाद टूटकर खेत में गिर गई। यहां पानी भरे होने से करंट खेत में दौड़ गया। चपेट में आए रामरतन, विमल और अमित बेहोश हो गए।
बगल के खेतों में काम कर रहे लोगों ने शोर मचाया तो बिजली सबस्टेशन से आपूर्ति बंद करवाई गई। पुलिस तीनों को सीएचसी ले गई, जहां से उन्हें उर्सला, कानपुर रेफर कर दिया गया। उर्सला में तीनों को मृत घोषित कर दिया गया।
हाईवे किया जाम, अफसरों को बुलाने पर अड़े लोग
तीन मौतों से गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग करते हुए मैनावती मार्ग जाम कर दिया।
जाम खुलवाने पहुंचे तहसीलदार व्यास नारायण उमराव और थाना प्रभारी केके पांडे ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ विद्युत अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़ गई।
बिजली विभाग के एसडीओ विनोद कुमार, अवर अभियंता दिलीप कटियार घटनास्थल पर पहुंचे और जर्जर तारों को जल्द बदलवाने और मुआवजे के एक लाख रुपये देने का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। इस दौरान चार घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहे।
हाईवे जाम करने वालों में ग्राम प्रधान पुत्र प्रदीप यादव, पड़ोसी गांव उदेतपुर के ग्राम प्रधान विद्या सागर यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र, पूर्व विधायक कमलेश दिवाकर, सपा के श्याम सुंदर यादव आदि लोग मुख्य रहे।
दिलाएंगे मुआवजा, होगी जांच एसडीओ विनोद कुमार ने बताया कि मृतक परिवारों को तात्कालिक सहायता के रूप में दस हजार रुपये और 25-25 हजार रुपये के चेक दिया गया है।
शेष मुआवजा विद्युत सुरक्षा निदेशालय की जांच के बाद दिया जाएगा। तहसीलदार ने बताया कि मृतक परिवारों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक योजना लाभ दिलाने एवं मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाई जाएगी।
विद्युत अधिशासी अभियंता सतीश मिश्रा ने बताया मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद विभाग की ओर से की जाएगी।