इसमें जीआरपी, जिला प्रशासन, अस्पतालों के सहयोग से आग जैसी आपात स्थिति में बचाव किया जाएगा। एक्शन प्लान के मुताबिक, जंक्शन पर कैब-वे के जरिये यात्री प्लेटफॉर्म तक पहुंचते हैं, यहां पार्सल घर और मवैया की ओर से आने वाली गाड़ियों की जांच को दो अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (यूवीएसएस) लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि इनमें ऐसे बूमर्स (बैरिकेड्स) लगाए जाएंगे, जिन्हें स्मार्ट कार्ड से खोला जा सकेगा।
जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर शताब्दी, लखनऊ मेल, पुष्पक एक्सप्रेस जैसी वीआईपी ट्रेनों का आना-जाना होता है। कैब-वे के रास्ते यात्री यहां तक पहुंचते हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्लेटफॉर्म के बाहर बेरिकेडिंग होगी। यहां सामान की जांच को लगेज स्कैनर लगाए जाएंगे और ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों की निकासी को 42 ऑटोमेटेड एग्जिट गेट बनाए जाएंगे।
पुष्पक एक्सप्रेस की जनरल बोगी में यात्रा करने वालों की सुविधा के लिए बायोमीट्रिक टोकन सिस्टम लगाया गया है। प्लान के मुताबिक हर प्लेटफॉर्म पर यह सिस्टम लगेगा। कुल आठ सिस्टम होंगे, जिससे अन्य ट्रेनों के जनरल यात्रियों को सीटों की मारामारी से नहीं जूझना पड़ेगा और उन्हें आसानी से बैठने को जगह मिल जाएगी।
फ्रंट से एंट्री, बैक से एग्जिट
जंक्शन पर एंट्री व एग्जिट के रास्ते कई हैं। स्टेशन को चारों ओर से दीवार से ढका जाएगा। फिर एंट्री व एग्जिट के रास्ते अलग-अलग किए जाएंगे। मसलन, मुख्य प्रवेश द्वार से यात्री स्टेशन पर पहुंचेगा, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर छह व स्टेशन के पीछे से निकासी की व्यवस्था होगी।
पुणे, मुंबई की तर्ज पर लगेगी क्यूआरटी
जंक्शन पूर्वोत्तर रेलवे का पहला स्टेशन होगा, जहां अलग क्विक रिस्पांस टीम तैनात होगी। यह पुणे व मुंबई की तर्ज पर होगी और अभ्यास के लिए लगातार मॉकड्रिल भी करती रहेगी।
पार्किंग होगी खत्म, बनेगा ड्रॉप एंड लीव जोन
स्टेशन के सामने गाड़ियों की पार्किंग है। प्लान के मुताबिक पार्किंग को खत्म कर दिल्ली की तर्ज पर लीव एंड ड्रॉप जोन बनाया जाएगा। जहां अलग-अलग लाइनें बनाई जाएंगी और कॉमर्शियल, प्राइवेट गाड़ियां आकर पैसेंजरों को ड्रॉप या रिसीव कर सकेंगी।
मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने को स्टेशन सिक्योरिटी एक्शन प्लान बनाया गया है। इसके तहत जंक्शन को चरणबद्ध ढंग से अत्याधुनिक बनाया जाएगा। स्टेशन की सुरक्षा जहां ड्रोन से की जाएगी, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बेस्ड सीसीटीवी कैमरे, बैगज स्कैनर, व्हीकल स्कैनर, बाउंड्री, ट्रैक फेंसिंग का काम होगा। इस पर आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। - अमित कुमार मिश्र, आरपीएफ कमांडेंट, पूर्वोत्तर रेलवे