जहां एक तरफ भाजपा पूरी तरह चुनावी मोड में है वहीं विपक्षी दल भी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। सपा साइकिल यात्राएं निकालने के बाद हर विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं के सम्मेलन कर चुकी है।
अखिलेश यादव भी अपने दौरे लगा रहे हैं। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह व उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पश्चिमी यूपी में लगातार दौरे कर रहे हैं। अजित सिंह तो हर जिले में एक साथ दो दिन का कार्यक्रम कर रहे हैं। बसपा भी संगठनात्मक ढांचे को मजबूती देने में जुटी है।
भाजपा की ज्यादा सक्रियता के साथ ही सियासी हलकों में चर्चा है कि विपक्षी दलों के बीच गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर लगभग सहमति बन गई है। अगले कुछ दिनों में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
गठबंधन में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बसपा की रहेगी। वह लगभग आधी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। सपा जूनियर पार्टनर रहेगी। रालोद को पश्चिमी यूपी में तीन सीट दिए जाने की अटकलें हैं।
कांग्रेस गठबंधन में शामिल नहीं रहेगी लेकिन अमेठी व रायबरेली सीट उसके लिए छोड़ी जा सकती हैं। सूत्रों का कहना है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद ही यूपी में विपक्षी दलों के गठबंधन का एलान होगा।