लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को आईआईटी रुड़की की तर्ज पर पढ़ाई का मौका मिलेगा। उन्हें आईआईटी की तरह वर्चुअल लैब्स के माध्यम से ऑनलाइन प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) करने की सुविधा मिलेगी। आईआईटी रुड़की की ओर से विवि को वर्चुअल लैब्स नोडल सेंटर के रूप में स्वीकृति बुधवार को मिल गई है। इस सेंटर के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी डॉ. विनोदिनी कटियार की होगी। इस मंजूरी के बाद विवि प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। विवि में अब हर सेमेस्टर में कम से कम एक वर्कशॉप जरूरी होगी। छात्रों को ये सुविधा निशुल्क मिलेगी।
साथ ही नोडल कोऑर्डिनेटर को आईआईटी रुड़की में आयोजित बैठकों में भाग लेना जरूरी है। वर्चुअल लैब्स के उपयोग व फीडबैक की रिपोर्ट भी विवि को बतानी होगी। वर्चुअल लैब्स के प्रिंसिपल इंस्टीट्यूट कोऑर्डिनेटर व आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर आरएस आनंद ने इस संबंध में विवि को गाइडलाइन भी भेजी है।
विद्यार्थियों को होगा ये फायदा
वर्चुअल लैब्स में आईआईटी रुड़की के सॉफ्टवेयर का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। खास बात ये है कि छात्र कहीं से भी इसका प्रयोग कर अपनी समझ को मजबूत कर सकेंगे। इस संबंध में आईआईटी रुड़की की ओर से पुनर्वास विवि को साझा पत्र भी मिल गया है। इसके लिए विवि को जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर (कंप्यूटर व इंटरनेट सुविधा सहित) स्वयं उपलब्ध कराना होगा।
वर्चुअल लैब्स नोडल सेंटर बनने से छात्रों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण प्रायोगिक शिक्षा मिलेगी। विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए यह पहल सीखने की प्रक्रिया को और अधिक सुलभ व प्रभावी बनाएगी।
आचार्य संजय सिंह कुलपति, पुनर्वास विश्वविद्यालय