राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले में पूर्व मंत्री एवं वर्तमान सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा की 10 वर्ष पूर्व जब्त की गयी संपत्ति पर कुछ लोगों द्वारा दोबारा कब्जा किये जाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दोबारा कब्जा लेने की कार्रवाई की। ईडी के अधिकारियों की टीम ने बुलडोजर ले जाकर जमीन पर बने अस्थायी निर्माण ध्वस्त कर दिए और अपना कब्जा दोबारा स्थापित करने के लिए बोर्ड लगा दिए।
बता दें कि ईडी ने एनआरएचएम घोटाले में मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज करने के साथ बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस भी दर्ज किया है। एनआरएचएम घोटाले की जांच के बाद ईडी के अधिकारियों ने करीब 10 वर्ष पूर्व राजधानी के सरोजनीनगर इलाके में बाबू सिंह कुशवाहा और उनके करीबियों की करीब 40 बीघा कृषि भूमि को जब्त कर लिया था। इसके बाद सुध नहीं लेने की वजह से इस भूमि पर तमाम लोगों ने ईडी द्वारा लगाए गये बोर्ड हटाकर कब्जा कर लिया और फसल उगाने लगे। इसकी सूचना मिलने पर शुक्रवार को ईडी के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ जाकर भूमि को कब्जे से मुक्त कराया।
ईडी के अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास भी कर रहे हैं कि यह कब्जा स्थानीय लोगों अथवा बाबू सिंह के करीबियों में से किसने किया है। जांच के बाद कब्जा करने वालों के खिलाफ केस दर्ज हो सकता है। बता दें कि ईडी ने बाबू सिंह कुशवाहा की अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त किया है। वहीं आयकर विभाग भी बाबू सिंह की कानपुर रोड स्थित बेनामी संपत्तियों को बीते वर्ष जब्त कर चुका है।