स्मारक घोटाले की जांच के दायरे में आए दो पूर्व मंत्रियों समेत सभी 19 आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद ईडी ने उनकी संपत्तियों का ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया।
ईडी ने सोमवार को यूपी के 14.10 अरब रुपये से अधिक के स्मारक घोटाले में दो पूर्व मंत्रियों नसीमुद्दीन सिद्दीकी व बाबूसिंह कुशवाहा समेत 19 के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
मुकदमे में इन मंत्रियों के अलावा राजकीय निर्माण निगम के तत्कालीन एमडी, खनन विभाग के अधिकारी व अन्य के नाम शामिल थे।
आरोपियों के अलावा करीबी भी शामिल
मुकदमा दर्ज करने के फौरन बाद ईडी अब इन सभी की चल-अचल संपत्ति की पड़ताल शुरू कर दी है। निदेशालय संपत्तियों का ब्यौरा हासिल करने के बाद सभी आरोपियों की आय का आकलन करेगा।
इसके बाद ईडी इन सभी आरोपियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाएगी और जवाब तलब करेगी।
ईडी की पूछताछ में संतोषजनक जवाब व साक्ष्य न दे पाने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। ईडी के सूत्रों का कहना है कि जांच के दायरे में नामजद आरोपियों के अलावा उनके करीबी भी हैं।
इन सभी की चल-अचल संपत्ति के साथ ही उनके नाम से दर्ज खाते, लॉकर व फर्म और कंपनी आदि की जानकारी की जाएग़ी।
लोकायुक्त की रिपोर्ट को भी बनाया आधार
ईडी के सूत्रों का कहना है कि नोटिस भेजने की कार्रवाई कुछ ही दिनों में कर दी जाएग़ी। इस बीच खातों की पड़ताल जारी रहेगी।
ईडी ने अपनी इस कवायद में लोकायुक्त की उस रिपोर्ट को भी आधार बनाया है, जिसमें लोकायुक्त ने घोटाले की जांच में आ रहे पूर्व मंत्रियों समेत अन्य से एक निर्धारित राशि वसूलने की बात सिफारिश की थी।
ईडी के सूत्रों का कहना है कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं घोटालेबाजों ने धांधली कर कमाई गई कमाई को विदेश में अथवा अन्य किसी प्रांत में निवेश न कर दिया हो।