कालेधन को सफेद बनाने में बैंक अफसरों का खेल सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को लखनऊ समेत देशभर में 10 बैंकों की 50 से अधिक बैंक शाखाओं के ‘रिकॉर्ड की जांच’ शुरू की। इसका मकसद मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला सौदों का पता लगाना है।
उधर, एक्सिस बैंक वित्तीय गड़बड़ी मामले में ईडी ने तीसरे आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव कुशवाहा को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार कर लिया। वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा था।
ईडी के अफसरों के मुताबिक दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, हैदराबाद, कोलकाता और चेन्नई, लखनऊ सहित कई शहरों में यह अभियान छेड़ा गया है।
ऐसी बैंक शाखाओं के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है जहां बड़ी मात्रा में पुराने नोट जमा कराए गए या फिर बैंक खातों में एक बार में या कई बार बड़ी राशि जमा कराई गई है, जिससे संदेह की स्थिति पैदा हो रही है। बुधवार सुबह-सुबह कम से कम 10 बैंकों की 50 शाखाओं पर यह अभियान शुरू किया गया।
इनमें निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों के बैंक शामिल हैं। यह जांच बैंक ऑडिटरों के साथ मिलकर कराई जा रही है जिससे लेनदेन के रिकॉर्ड और लेखा खातों की जांच की जा सके। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई एजेंसी की ओर से जुटाई गई वित्तीय गड़बड़ियों की कुछ सूचनाओं के आधार पर की जा रही है।