प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपने ही उप निदेशक रहे सचिन सावंत को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। मुंबई में तैनाती के दौरान उन पर हीरा कारोबारी के साथ 500 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप बताया जा रहा है। साथ ही आय से अधिक संपत्ति जुटाने का भी मामला है। सचिन वर्तमान में लखनऊ कस्टम विभाग में बतौर एडिशनल कमिश्नर कार्यरत हैं।
वर्ष 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी सचिन सावंत के लिए ईडी ने मंगलवार को उनके मुंबई आवास और लखनऊ में छापा मारा। लखनऊ से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सचिन पहले मुंबई में ईडी के जोनल कार्यालय में उप निदेशक के रूप में तैनात थे। आरोप है कि मुंबई में तैनाती के दौरान जनवरी 2011 से अगस्त 2020 तक जमकर कमाई की। उनकी आय में 204 प्रतिशत, यानी लगभग 2 करोड़ 45 लाख रुपये का इजाफा हुआ।
उन्होंने 1 करोड़ 2 लाख रुपए कैश देकर फ्लैट खरीदा। खुद की बनाई कंपनी के नाम पर कैश में फ्लैट खरीदा तो अपने पिता को कंपनी का निदेशक बनाया। बीएमडब्ल्यू कार खरीदी। सचिन सावंत का भाई पुलिस में जूनियर पद पर तैनात है तथा उनके पिता पुलिस विभाग से रिटायर हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि एक डायमंड कंपनी की 500 करोड़ की हेराफेरी में भी उनका नाम आया था। सीबीआई ने जून 2022 में मनी लॉड्रिंग का मुकदमा दर्ज कराया जिसमें उनका नाम आया था।
कई दस्तावेज कब्जे में लिए
ईडी ने गोमती नगर विस्तार स्थित शालीमार विस्टा अपार्टमेंट में छापा मारा। सचिन सावंत यही पर रहते हैं। करीब पूरे दिन फ्लैट पर टीम छानबीन करती रही। दस्तावेज जांचे गए। अपार्टमेंट से कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को भी कब्जे में ले लिया गया है। इसके बाद टीम सचिन को लेकर मुंबई रवाना हो गई है।