फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिपाही भर्ती पेपर लीक: ईडी के सवालों में फंसे एजूटेस्ट के संचालक, 8 घंटे हुई पूछताछ, नहीं दे सके संतोषजनक जवाब

Fri, 27 Dec 2024 08:35 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

सिपाही सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा कराने वाली कंपनी की मुसीबत बढ़ी। संचालक से पहले एसटीएफ भी पूछताछ कर चुकी है। जल्द ही उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिपाही सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा कराने वाली गुजरात की एजूटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालक विनीत आर्या से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को करीब 8 घंटे तक गहन पूछताछ की है। सूत्रों की मानें तो विनीत आर्या पेपर लीक होने की वजहों के बारे में पूछे गए सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

विज्ञापन


उन्होंने कंपनी द्वारा लापरवाही बरते जाने के आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया। ईडी उन्हें जनवरी माह के दूसरे सप्ताह में दोबारा तलब करके पूछताछ करने की तैयारी में हैं। दरअसल, फरवरी माह में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद ईडी ने भी केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। 

ये भी पढ़ें - यूपी: प्रदेश में रोजगार बढ़ाने को लेकर सरकार गंभीर, वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए उठाए जाएंगे कदम
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - सिपाही भर्ती परीक्षा: शारीरिक परीक्षा के लिए पहले दिन आए 5000 अभ्यर्थी, इतने नहीं पास कर पाए फिटनेस टेस्ट, जानिए डिटेल
विज्ञापन


ईडी ने तमाम आरोपियों से पूछताछ के बाद एजूटेस्ट कंपनी के संचालक विनीत आर्या को नोटिस देकर तलब किया था। मंगलवार को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने के बाद जब उनसे पेपर लीक होने की वजहों के बारे में पूछा गया तो वह गोलमोल जवाब देने लगे। वहीं अहमदाबाद के वेयरहाउस में पेपर बॉक्स की सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने सारा ठीकरा उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड पर फोड़ दिया। अब ईडी के अधिकारी भर्ती बोर्ड से टेंडर के दस्तावेज लेने के बाद उन्हें दोबारा तलब करेंगे। इस दौरान टेंडर में दी गई शर्तों के बारे में उसने सवाल पूछे जाएंगे।

एसटीएफ भी कर चुकी है पूछताछ
बता दें कि ईडी से पहले एसटीएफ भी विनीत आर्या से पूछताछ कर चुकी है, हालांकि उनका पूरा बयान दर्ज नहीं हो सका था। अब एसटीएफ भी उन पर कानूनी शिकंजा कस सकती है। दरअसल, एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि एजूटेस्ट ने टीसीआई एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट कंपनी के अहमदाबाद स्थित वेयरहाउस में पेपर बॉक्स रखवाए थे, जिसमें से पेपर चोरी करके फोटो खींचा गया था। बाद में इसे अभ्यर्थियों को मध्य प्रदेश और हरियाणा के रिसॉर्ट में लाखों रुपये लेकर पढ़वाया गया था। एसटीएफ की जांच में पेपर लीक होने में एजूटेस्ट की लापरवाही सामने आई थी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें