माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस पर राजधानी स्थित भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) में शुक्रवार को आयोजित 30वें डॉ. सीआर. कृष्णमूर्ति स्मृति व्याख्यान में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश दिया गया।
मुख्य अतिथि ईको-टूरिज्म विशेषज्ञ स्टीव बोरजिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं तथा ईको-टूरिज्म दोनों के बीच संतुलन बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सतत पर्यटन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा करता है।
विशिष्ट अतिथि एवं एनबीएफजीआर की निदेशक डॉ. काजल चक्रवर्ती ने जैव विविधता और स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण को जरूरी बताया। इस अवसर पर आईआईटीआर ने लखनऊ की प्री-मानसून पर्यावरणीय स्थिति रिपोर्ट जारी की और अपनी मल्टीपल एटमॉस प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण एयरशेड ट्रांसफॉर्म, कानपुर को किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण ने पर्यावरण संरक्षण को भविष्य की पीढ़ियों के लिए अनिवार्य बताया। कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. केसी. खुल्बे , डॉ. सीडी. मोहन, डॉ. कौसर, डॉ. अश्विनी भारद्वाज, डॉ. भूमिका राय और डॉ. आलोक पांडेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।