भड़काऊ वीडियो क्लिप के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने में अभी तक नाकाम रहे अधिकारियों ने अब इसका प्रयोग करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने का फैसला किया है।
एनेक्सी के मीडिया सेंटर में डीआईजी लोक शिकायत सतीश गणेश ने गुरुवार को बताया कि अब ऐसे वीडियो क्लिप का प्रयोग करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
कोई भी व्यक्ति यह शिकायत कर सकता है कि अमुक व्यक्ति के पास ऐसा वीडियो क्लिप मौजूद है।
मिल सकती है गंभीर सजा
ऐसी शिकायत पर पुलिस फौरन आरोपी का मोबाइल फोन या वीडियो क्लिप इस्तेमाल करने वाले इलेक्ट्रानिक उपकरण को अपने कब्जे में ले लेगी।
उपकरण में वीडियो क्लिप पाए जाने पर आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
यह मुकदमा विद्वेष फैलाने, अलगाववाद करने और सांप्रदायिक सौहार्द को खंडित कर घृणा फैलाने की धाराओं में दर्ज किया जा सकता है। इस तरह की धाराओं में काफी गंभीर सजा हो सकती है।
वाट्स एप पर आ रहे हैं ऐसे क्लिप्स
डीआईजी ने आगे कहा कि वीडियो क्लिप को अपने किसी इलेक्ट्रानिक उपकरण या मोबाइल में रखने वाले दो श्रेणी के हो सकते हैं।
एक वे जो इसका बाकायदा इस्तेमाल कर रहे हैं और दूसरे वे जिनके पास इसे किसी ने भेजा है और वह इसे किसी अन्य को प्रसारित नहीं कर रहे हैं।
डीआईजी ने कहा कि वाट्स एप पर भेजे जा रहे इस वीडियो क्लिप को ‘हेट वीडियो’ की श्रेणी में रखा गया है।
आईबी भी कसेगी नकेल
श्री गणेश ने यह भी कहा कि वैसे ऐसे संदेशों को रोकने के लिए कोई तकनीकी समाधान तलाश करने की कोशिश हो रही है और विशेषज्ञों से इस बाबत कोई हल निकालने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी को भी इस दिशा में जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
आईबी केंद्र सरकार के जरिये संबंधित देश की सरकार के समक्ष इस बात को रखने की कोशिश में है, ताकि इस सोशल मीडिया साइट पर ऐसे संदेशों के प्रसारण पर अंकुश लगाया जा सके।