प्रदेश में वोटिंग स्थानों की संवेदनशीलता देखते हुए चुनाव आयोग ने बिजली कटौती न करने के निर्देश दिए हैं।
जिससे कि चुनाव वाले जिलों में रविवार शाम से मंगलवार तक कटौतीमुक्त बिजली आपूर्ति की जाएगी।
प्रदेश में छठे और अंतिम चरण के चुनाव वाले जिलों में संवेदनशीलता के लिहाज से चुनाव आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन को कटौतीमुक्त आपूर्ति के निर्देश दिए हैं।
कॉर्पोरेशन ने वाराणसी के सारनाथ क्षेत्रीय लोड डिस्पैच सेंटर को संबंधित जिलों में लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है।
शक्ति भवन स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर को भी इन जिलों में आपूर्ति की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
अंतिम दौर में पूर्वांचल के 14 जिलों की 18 संसदीय सीटों पर सोमवार को वोट डाले जाएंगे।
इन क्षेत्रों में मतदान कराने के लिए रविवार को पोलिंग पार्टियों की रवानगी के साथ ही संबंधित जिलों में अनवरत बिजली आपूर्ति के भी निर्देश दे दिए गए हैं।
ताकि मतदान की तैयारियों और मतदान कराने में किसी तरह की कठिनाई न हो।
चूंकि सोमवार शाम छह बजे मतदान समाप्त होने के बाद देर रात तक इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें जमा कराई जानी हैं।
इसलिए सभी संबंधित जिलों में मंगलवार तक किसी तरह की कटौती न करने को कहा गया है।
फील्ड के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर तकनीकी कारणों से बिजली कटौती करना जरूरी हो तो इन जिलों को छोड़कर वहां कटौती की जाए जहां चुनाव हो चुके हैं।
शक्ति भवन कंट्रोल रूम के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के कारण मांग ज्यादा है।
इसलिए आपूर्ति का शेड्यूल गाहे-बगाहे गड़बड़ा रहा है लेकिन पिछले दो दिनों से ज्यादा से ज्यादा आपूर्ति की जा रही है।
सिस्टम पर ज्यादा दबाव बढ़ने पर एक-डेढ़ घंटे की आपात कटौती हो रही है।
सबसे बड़ी बात यह है कि तमाम कठिनाइयों के बावजूद गांवों को औसतन 15 घंटे से ज्यादा आपूर्ति की जा रही है।
छुट्टी के चलते रविवार को बिजली की मांग 11,500 से 12,000 मेगावाट के बीच है जबकि उपलब्धता 11,500 मेगावाट के आसपास है।
चूंकि अतिरिक्त बिजली का इंतजाम हो जा रहा है इसलिए अभी ज्यादा कटौती की जरूरत नहीं पड़ रही है।
बिजली की कमी को एनर्जी एक्सचेंज से 500-600 मेगावाट बिजली खरीदकर पूरा किया जा रहा है।
सोमवार को मांग में थोड़ा इजाफा होने की संभावना है। इसके मद्देनजर एक्सचेंज से और अधिक बिजली खरीदी जा सकती है।