फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेताओं का कुछ नहीं बिगाड़ सकता चुनाव आयोग?

Thu, 11 Sep 2014 11:21 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
योगी आदित्यनाथ के बयानों को आपत्तिजनक मानते हुए चुनाव आयोग ने नोटिस दिया है, पर उनके जवाब देने और आयोग की कार्रवाई होने तक उपचुनाव के लिए प्रचार या तो समाप्त हो चुका होगा अथवा समाप्त होने को होगा।
विज्ञापन


जाहिर है कि आयोग का नोटिस योगी की बोली पर व्यावहारिक रूप से रोक लगाने से रहा। ...और फिर बाद में मामला टांय-टांय फिस्स। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। लोकसभा का चुनाव इसकी बानगी है।

विवादास्पद बयानों पर आयोग ने भाजपा नेता अमित शाह और मो. आजम खां को नोटिस देने के साथ ही दोनों के प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया। शाह की क्षमा याचना और सफाई के बाद आयोग ने उन पर से प्रतिबंध हटा लिया लेकिन आजम अपनी बात पर अड़े रहे।
विज्ञापन


उन्होंने आयोग की ताकत को चुनौती तक दे दी। कहा कि उसमें दम हो तो उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करके दिखाए। चुनाव निपटा और मामला भी फाइलों में बंद हो गया।

ये रहे ध्रुवीकरण करने वाले बयान

उपचुनाव में आजम खां फिर प्रचार पर निकल पड़े। बिजनौर पहुंचे तो उन्हें दूसरे मुद्दों के बजाय हिंदू लड़कियों के मुस्लिम युवकों से प्रेम कहानियों पर बोलना ज्यादा मुफीद लगा। उन्होंने इसे हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बता दिया।

आजम का कथानक, योगी के डायलॉग
आजम ने कथानक तैयार किया तो भाजपा ने उस पर योगी आदित्यनाथ के बयान ‘अब कोई अकबर जोधा को नहीं ले जाएगा। अब सिकंदर अपनी बेटी चंद्रगुप्त को देगा’ डायलॉग डालकर ध्रुवीकरण की फिल्म को और रोचक बनाने की कोशिश की।

योगी के रविवार को दिए बयान पर आयोग ने मंगलवार को नोटिस जारी किया। तब तक योगी की विधानसभा के छह क्षेत्रों में सभाएं और हो गईं। आयोग अब योगी पर प्रतिबंध लगा भी दे तो उससे कुछ सार्थक नतीजा आने से रहा। इन पर कुछ नहीं हो पाया।
विज्ञापन

आजम ने आयोग को भी नहीं बख्‍शा

लोकसभा चुनाव के दौरान सपा नेता अबू आजमी ने कहा था कि सपा को वोट न देने वाले सच्चे मुसलमान नहीं हैं। ऐसे लोगों का डीएनए टेस्ट कराना चाहिए। इस बयान पर आयोग की कार्रवाई सिर्फ नोटिस जारी करने तक ही सीमित रही।

सपा के नरेंद्र भाटी के बूथों पर दमदारी दिखाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयोग से क्षमा याचना करके प्रचार पर निकले अमित शाह ने फिर विवादित बयान दिया कि मुलायम सिंह यादव ने पैरवी कर-करके आजमगढ़ को आतंकवादियों का अड्डा बना दिया है।

आजम ने फिर आयोग पर हमला बोल दिया, ‘चुनाव आयोग ने अमित शाह जैसे अपराधी को इसलिए छूट दी है कि वह मुलायम सिंह यादव जैसे इंसानियत के दोस्त पर कीचड़ उछाल सके और फिरकापरस्त ताकतें मजबूत हो सकें।’ इसके बावजूद इन बयानवीरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें