सूबे के व्यापारियों को अब ई-रिटर्न दाखिल करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
फार्म डाउनलोड करने में किसी तरह की समस्या आ रही है तो इसका भी झट से समाधान होगा। यही नहीं छोटी-मोटी परेशानियों के लिए बार-बार वाणिज्यकर कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इसके लिए पहले चरण में सूबे के प्रमुख बाजारों में 120 ई-सुविधा केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर व्यापारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग नेशनल सेक्यूरिटी डिपाजेट्री लिमिटेड (एनएसडीएल) से करार करने की तैयारी में है।
आयुक्त वाणिज्यकर कार्यालय ने शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है, इस पर शीघ्र ही मंजूरी मिल सकती है।प्रदेश में व्यापारियों को कारोबार करने के लिए वाणिज्यकर विभाग से ट्रेडर्स इनवॉइस नंबर (टिन) लेना अनिवार्य होता है।
इसके आधार पर वह वाणिज्य कर विभाग को टैक्स जमा करता है। आयात-निर्यात और अन्य राज्यों से माल लाने व ले जाने के लिए भी वाणिज्य कर विभाग की अनुमति जरूरी होती है।
व्यापारियों के लिए वाणिज्य कर मुख्यालय पर कंट्रोल रूम बनाने के साथ ऑनलाइन सुविधाएं दी गई हैं। व्यापारी इसके माध्यम से फार्म डाउनलोग कर सकता है और टैक्स जमा कर सकता है।
वह यह भी देख सकता है कि उसके ऊपर कितना टैक्स आ रहा है।