राजधानी लखनऊ में विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने जमकर शेरो-शायरी की। उन्होंने शेर के जरिए सरकार पर हमला किया तो दूसरे शेर के जरिए पार्टी मुखिया अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए पार्टी के नेताओं को पैगाम भी दिया।
खुद को आसमान में उड़ता हुआ बाज समझ रहे हैं, हकीकत यह है जमीं पर जनता बदहाली से कराह रही है। आपकी निगाहें सूरज के ठिकानों तक होगी, पर क्या यह बताने की जहमत उठाएंगे कि देश का किसान कब तक सूखे खेतों को ताकता रहेगा। युवा कब तक बेरोजगारी की तपती धूप में तपते रहेंगे। विपक्ष ने इस शेर का मेज थपथपा कर स्वागत किया।
सरकार पर विभिन्न परियोजनाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा, अंधेरों की सरकार अब जाने वाली है, जनता की हुंकार अब आने वाली है। झूठ के महल अब ज्यादा दिन नहीं टिकेंगे, नेताजी के सिपाही अब फिर से लड़ेंगे। हर खेत को पानी, हर हाथ को काम, यही है समाजवादियों का पैगाम। अखिलेश हैं उम्मीद, अखिलेश हैं शान, 2027 में फिर होगा उनका नाम।
इस शेर के पढ़ते ही सपा विधायकों ने मेज थपथपाकर उनका हौसला बढ़ाया।