फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी की काशी में सबसे ज्यादा हैं डुप्लीकेट वोटर

Mon, 03 Aug 2015 09:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचायत चुनाव को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग डुप्लीकेट वोटरों पर नजर रख रहा है। ऐसे लोग वोट नहीं दे पाएंगे जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की ग्राम पंचायतों में सबसे अधिक डुप्लीकेट वोटर मिले हैं। इनके नाम ग्राम पंचायतों में दो-दो जगह दर्ज हैं।
विज्ञापन


यहां 8.48 फीसदी डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं। यह खुलासा डी-डुप्लीकेट सॉफ्टवेयर के कारण हो सका है। पूरे प्रदेश की बात करें तो कुल 3.73 प्रतिशत वोटर डुप्लीकेट मिले हैं।

पहली बार राज्य निर्वाचन आयोग ने ब्लॉक के मतदाताओं में डुप्लीकेट मतदाता छांटने के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है। आयोग ने यह सॉफ्टवेयर माइक्रोसॉफ्ट से बनवाया है। इसमें चार सूचनाओं नाम, पिता का नाम, उम्र व जेंडर का मिलान किया जा रहा है।
विज्ञापन


जिस भी मतदाता की ये चारों सूचनाएं मिल जाती हैं, उन्हें डुप्लीकेट वोटर मानते हुए अलग रख लिया जाता है। इसके बाद बीएलओ से इनकी जांच कराई जा रही है।

सूबे में कुल 821 ब्लॉक में 41,06,532 डुप्लीकेट वोटर मिले हैं। यह कुल मतदाताओं का 3.73 प्रतिशत है। अगर जिलों को देखा जाए तो वाराणसी में 8.48 प्रतिशत डुप्लीकेट वोटर पाए गए हैं।
विज्ञापन

लखनऊ में 3.7 प्रतिशत डुप्लीकेट मतदाता

इसी तरह लखनऊ में 3.7 प्रतिशत डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं। कासगंज में सबसे कम यानी 1.43 प्रतिशत डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के डीएम को इन वोटरों को सत्यापित कर ऐसे नामों को काटने के निर्देश दिए हैं जो मौके पर नहीं रहते हैं।

शहर के वोटर गांव में नहीं दे पाएंगे वोट
यदि आप शहर के मतदाता हैं और ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में भी नाम दर्ज है तो इस बार अपना वोट गांव में नहीं डाल पाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने शहरों में रहने वाले मतदाताओं के नाम गांव में दर्ज मतदाता सूची से काटने के निर्देश दिए हैं।

आयोग ने डी-डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के जरिये भी ऐसे मतदाताओं को छांट लिया है जिनके नाम दो-दो जगह दर्ज हैं।

आयोग ने यह भी कहा है कि यदि मतदाता का नाम गांव में दर्ज है लेकिन वे शहरों में रहते हैं तो ऐसे मतदाताओं के नाम भी तत्काल सूची से काट दिए जाएं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें