राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना में चुने गए गांवों के जर्जर संपर्क मार्ग दुबारा बनाए जाएंगे।
इसके लिए सौ करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। सभी जिलों से ऐसी सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए एस्टीमेट भी मांगे गए हैं।
इस योजना के पहले चरण में वर्ष 2012-13 और 2013-14 के समग्र गांव चुने गए हैं। लेकिन मजरों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
मुख्य राजस्व ग्रामों के संपर्क मार्ग ही दुरुस्त किए जा सकेंगे। इन दो वित्त वर्षों में 3701 गांवों का चयन किया गया था। इनमें से 1704 गांवों की सड़कें नई हैं जबकि 1997 गांवों की सड़कें कई साल पुरानी हैं।
पुरानी सड़कों में से अधिकांश चलने लायक नहीं रह गई हैं। लिहाजा राज्य सरकार ने पहली बार इन सड़कों के पुनर्निर्माण का फैसला लिया।
सूत्रों के मुताबिक हर जिले को एक से डेढ़ करोड़ दिया जाएगा। इसके लिए जिलों से एस्टीमेट मांगे गए हैं। अभी तक कई जिलों से एस्टीमेट मुख्यालय को मिल भी चुके हैं, जहां इनका परीक्षण किया जा रहा है।
शासन ने निर्देश दिए हैं कि पहले चरण में सिर्फ ध्वस्त हो चुके मार्गों को ही शामिल किया जाए।