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वह छिपकली मारकर सुखाता है फिर उससे पूरा करता है नशा

Thu, 14 Apr 2016 04:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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नशे की लत ने बनाया चोर - फोटो : Amar Ujala
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नशे के एक से बढ़कर एक लती अक्सर दिखते हैं लेकिन इलाहाबाद जीआरपी के हत्थे चढ़ा एक बदमाश तो नशे की हद पार कर गया है। दो चोर साथियों समेत पकड़े गए इस बदमाश ने कुबूला कि वह नशे के लिए ही चोरी करता है। 
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पैसों के अभाव में जब कुछ नहीं रहता तो छिपकली मारकर सुखाता है और उसके जरिए नशे की तलब पूरी करता है। यहां तक कि नशे की तलब में अपने शरीर से खून बहाने से भी बाज नहीं आता। 

जीआरपी ने जंक्शन पर पकडे़ गए इन तीन चोरों के कब्जे से चोरी के कई मोबाइल फोन, चोरी के काम आने वाले औजार और गांजा भी बरामद किया है।

जंक्शन स्थित जीआरपी थाने के उपनिरीक्षक हरिवंश प्रताप सिंह सिपाहियों के साथ प्लेटफार्म नंबर छह पर गश्त कर रहे थे तभी उन्होंने तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर तलाशी ली। 
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उनके पास थैले में पेचकस, आरी, कटर, प्लास जैसे औजार, तीन मोबाइल फोन और चार किलो से ज्यादा गांजा मिला। उन तीनों ने कुबूला कि वे ट्रेनों में यात्रियों के सामान चुराने के साथ ही जेबकतरी भी करते हैं। 

शहर में भी चोरी की घटनाएं करते रहे हैं। इनमें एडीए कॉलोनी नैनी का शुभम, रीवा मध्य प्रदेश का किशोर कुमार दुबे तथा शहर में ललित नगर रेलवे कॉलोनी का विकास सिंह शामिल है। इनमें शुभम ने पूछताछ में जो बताया उसे जानकर पुलिसवाले भी दंग रह गए।
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नशा न म‌िले तो काट लेता था हाथ

खून बहाकर पाता था राहत
जीआरपी थाना प्रभारी मनोज सिंह के मुताबिक, शुभम ने कुबूला कि वह पिछले चार-पांच साल से शहर के जार्जटाउन, करेली, शाहगंज, कोतवाली इलाके में घरों, बसों, टेंपो में चोरी-जेबकतरी करता रहा है। रीवा एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस के अलावा इलाहाबाद से कानपुर के बीच चलने वाली कई ट्रेनों में घुसकर उसने चोरी और जेबकतरी की। 

कई बार पुलिस उसे गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। 26 वर्षीय शुभम ने बताया कि वह नशे की लत की वजह से चोरी करने लगा। उसे नैनी में गलत संगत में यह लत लगी। फिर वह चोरी-जेबकतरी कर गांजा तथा स्मैक खरीदकर नशा करता। जब कई दिन तक पैसे नही रहते तो वह छिपकली मारकर उसे सुखाता और उसे गांजा के बीच दबाकर चिलम में कश लेता।

जेल में भी वह मरी छिपकली सुखाकर ही अपनी तलब पूरा करता रहा है। कई बार ऐसा हुआ कि उसे छिपकली और गांजा नहीं नसीब हुआ तो उसने ब्लेड या नाखून से शरीर में कई जगह जख्म कर लिया। खून बहने की वजह से कमजोरी छाने पर उसे नींद आ जाती और उसे नशे की तलब से कुछ समय के लिए निजात मिल जाती है। 

घोर नशेड़ी शुभम ने पूछताछ के दौरान इंस्पेक्टर मनोज सिंह से दो टूक कहा कि वह नहीं सुधर सकता। जेल से छूटने पर वह फिर नशे के चक्कर में चोरी-जेबकतरी ही करेगा।
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