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28 साल बाद भूतपूर्व सैनिकों की बदली यूनिफॉर्म, इस रंग की होगी नई ड्रेस

Sat, 25 Nov 2017 11:24 AM IST
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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नई ड्रेस में पूर्व सैनिक
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भूतपूर्व सैनिक 28 साल बाद बदली हुई यूनिफॉर्म में नजर आएंगे। अब वे स्लेटी (ग्रे) रंग की पैंट और हल्के स्लेटी (ग्रे) रंग की शर्ट पहनेंगे। शर्ट के ऊपर यूपीबीएसकेएनएल का लोगो और नेमप्लेट लगी रहेगी। सेना की आपत्ति के बाद यूपी भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (यूपीबीएसकेएनएल) ने यूनिफॉर्म में बदलाव किया है। 
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1989 में यूपीबीएसकेएनएल के गठन के समय से ही भूतपूर्व सैनिक काले रंग की यूनिफॉर्म में  सेवाएं दे रहे थे। यूपीबीएसकेएनएल के डीजीएम कर्नल (रिटायर्ड) एसके तिवारी का कहना है कि काली यूनिफॉर्म काफी हद तक सेना की नियमित यूनिफॉर्म से मिलती-जुलती है। इससे भ्रम की स्थिति पैदा होती थी। ऐसे में सेना के जवानों और भूतपूर्व सैनिकों में अंतर बनाए रखने के लिए यूनिफॉर्म का रंग बदलने का फैसला किया गया।

वहीं, यूपीबीएसकेएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काली यूनिफॉर्म को लेकर सेना ने आपत्ति दर्ज कराई थी। कहा था कि लगातार धुलाई के बाद भूतपूर्व सैनिकों की यूनिफॉर्म का काला रंग फीका होने लगता है। ऐसे में भूतपूर्व सैनिकों और सेना के जवानों की यूनिफॉर्म में अंतर करना मुश्किल होता है। इसे देखते हुए यूपीबीएसकेएनएल के निदेशक मंडल ने भूतपूर्व सैनिकों की यूनिफॉर्म का रंग बदलने का फैसला किया।
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एलडीए में नजर आई नई यूनिफॉर्म

यूनिफॉर्म में बदलाव के बाद एलडीए में तैनात भूतपूर्व सैनिक नए लुक में नजर आए। एक भूतपूर्व सैनिक ने कहा कि नई यूनिफॉर्म से स्कूल ड्रेस जैसा अनुभव हो रहा है। हालांकि, अधिकांश ने माना कि समय के साथ यह यूनिफॉर्म भी मन को भा जाएगी।

क्या है यूपीबीएसकेएनएल

यूपी सरकार के समाज कल्याण विभाग के अधीन यूपी पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड का गठन 1989 में किया गया था। 2001 में इसका नाम बदलकर यूपी भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड कर दिया गया। यह भूतपूर्व सैनिकों को रिटायरमेंट के बाद अलग-अलग क्षेत्र में सेवाएं दिलाने और उनके कल्याणकारी कार्यों के लिए बनाई गई रजिस्टर्ड कंपनी है। लखनऊ में 2899 भूतपूर्व सैनिक सहित पूरे प्रदेश में 18032 भूतपूर्व सैनिक इससे जुड़े हुए हैं।
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आसान नहीं रहा रंग का चुनाव

असली चुनौती भूतपूर्व सैनिकों की यूनिफॉर्म के लिए नए रंगों का चुनाव करने की थी। लाल-पीले चमकीले रंग सैनिकों के हिसाब से नहीं माने जाते। वहीं ऐसा रंग चुनना था जो कि सेना की किसी भी विंग की पहचान नहीं हो। इसे देखते हुए स्लेटी (ग्रे) रंग को चुना गया। गहरे रंग की पैंट के ऊपर हल्के स्लेटी (ग्रे) रंग की शर्ट यूनिफॉर्म को एक सभ्य और प्रभावी लुक देती है।
-मेजर जनरल (रिटायर्ड) संजय सरन, प्रबंध निदेशक, यूपीबीएसकेएनएल 
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