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लखनऊ को कई सौगातें देने वाले अटलजी की ये ख्वाहिश रह गई थी अधूरी

Sat, 18 Aug 2018 01:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अटल बिहारी वाजपेयी
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लखनऊ को कई सौगातें देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अधूरी ख्वाहिशों में लखनऊ विश्वविद्यालय को केंद्रीय विवि का दर्जा न मिल पाना भी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की मांग पर उन्होंने वर्ष 2004 में इसे लेकर राज्य सरकार को अनापत्ति देने के लिए पत्र भी जारी किया था।
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हालांकि सपा सरकार ने अनापत्ति देने से मना कर दिया था। लविवि कर्मचारी परिषद के वर्तमान मंत्री और एबीवीपी के तत्कालीन पूर्व विभाग संगठन मंत्री संजय शुक्ल ने बताया कि अटलजी के लखनऊ प्रवास के दौरान हम लोगों ने उनसे राजभवन में मुलाकात की।

अन्य मांगों के साथ उन्होंने लविवि को केंद्रीय दर्जा देने पर सहमति जताई थी। दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय से इस संबंध में भेजवाया। राज्य विवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने के लिए राज्य सरकार की अनापत्ति जरूरी होती है।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने लविवि को केंद्र सरकार को देने से मना कर दिया। इसके बाद इसे लेकर कभी कोशिश भी नहीं हो सकी। संजय के अनुसार अटलजी ने लविवि में रेेलवे आरक्षण केंद्र खोलने की भी सहमति दी थी। विभागीय लापरवाही की वजह से यह कोशिश भी पूरी नहीं हो सकी।
 
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होली मिलन समारोह में शामिल हुए थे अटलजी 

होली मिलन समारोह में शामिल हुए थे अटल जी - फोटो : amarujala
...इसलिए जरूरी केंद्रीय विवि का दर्जा
देश के सबसे पुराने आवासीय राज्य विश्वविद्यालय में से एक लविवि की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। विश्वविद्यालय के संचालन के लिए साल भर में 140 करोड़ रुपये का न्यूनतम खर्च आता है। वेतन मद में ही 130 करोड़ रुपये का खर्चा है।

राज्य विवि होने के बावजूद सरकार से 45 करोड़ का ही अनुदान मिलता था। यह घटकर अब 34 करोड़ रुपये ही रह गया है। इस वजह से विवि में विकास की योजनाएं लटकी हैं। 100 साल से ज्यादा पुरानी इमारत का बुरा हाल है। कई छात्रावास तो टपक रहे हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही।

अटल बिहारी वाजपेयी 1997 में लविवि में हुए होली मिलन समारोह में उपस्थित रहे थे। संजय शुक्ला के अनुसार कार्यक्रम के लिए उन्हें पहले से आमंत्रण नहीं दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने हमारी प्रार्थना को स्वीकार किया और समारोह में कविता पाठ भी किया।
 
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